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अनुबंध खत्म होने वाला था, इसलिए कंपनी ने पांच महीने पहले ही रोड मैंटेनेंस कर दिया बंद
उज्जैन | उज्जैन-आगर से गुजरने वालों को 24 घंटे बाद टोल टैक्स से राहत मिल जाएगी लेकिन कीमत गड्ढों से भरे रोड पर सफर कर चुकाना पड़गी। हर महीने करीब 2 करोड़ 70 लाख रुपए टोल वसूलने वाली मेसर्स अग्रोहा इंफ्रास्ट्रक्चर्स डेवलपर्स ने अनुबंध खत्म होने की तारीख से पांच महीने पहले से ही इस रोड का मेंटेनेंस अघोषित रूप से बंद कर दिया। जिससे रोड की हालत खराब हो गई। बावजूद कंपनी टोल टैक्स वसूलती रही और एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के अफसर सिर्फ नोटिस देते रहे। उज्जैन-आगर-झालावाड़ राजमार्ग का निर्माण बीओटी अनुबंध के तहत 65 करोड़ रुपए की लागत से 2004 में हुआ था। तभी से शासन ने महू की इस एजेंसी को सशर्त 15 वर्ष तक टोल वसूली के लिए अधिकृत किया था। यह अवधि 9 सितंबर को समाप्त होने जा रही है लेकिन सरकार और एजेंसी के बीच हुए अनुबंध का पालन मार्ग पर होता नजर नहीं आ रहा है। 134 किमी लंबे रोड में से 110 किमी से अधिक दूरी तक यही हाल है। हालांकि एजेंसी के अधिकारी रोड के रखरखाव के लिए सरकार को अतिरिक्त समय की मांग का आवेदन भेजने की बात कह रहे हैं निगम अफसरों का दावा है कि अनुबंध तो तय समय पर खत्म होगा, एजेंसी पर क्या कार्रवाई की जाना है उच्च स्तर पर फैसला करेंगे। एमपीआरडीसी 9 सितंबर के बाद रोड हो अपने अधीन लेकर निगम के खर्च से मेंटेनेंस की बात कह रहे हैं। एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक राकेश जैन ने कहा रोड के रखरखाव की जिम्मेदारी एजेंसी की कितनी बनती है, यह शासन स्तर पर तय होगा। प्रकरण हमने उनके संज्ञान में ला दिया है। समय सीमा पर अनुबंध खत्म कर रोड का रखरखाव निगम के खर्च से करवाने जा रहे हैं।
शासन से समय मांगा
बारिश के कारण रोड पर डामरीकरण नहीं कर पाए है। इसके लिए शासन से 3-4 महीने का वक्त मांगा है। हाईकोर्ट के माध्यम से आवेदन भिजवाया है। – वीकेएस कुशवाह, जीएम, अग्रोहा इंफ्रास्ट्रक्चर्स