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सेंटपॉल स्कूल का मामला चिमनगंज थाने में पहुंचा, बच्ची को किया था टॉयलेट में बंद
उज्जैन | शनिवार को सेंटपॉल स्कूल में पढऩे वाली केजी-2 की दस वर्षीय छात्रा शाम्भवी पिता अंकित सोलंकी निवासी बागडिय़ा टावर को सहपाठी निशी पोरवानी ने टॉयलेट में बंद कर दिया था। 15 मिनिट छात्रा द्वारा शोर मचाने पर दूसरी छात्रा आस्था ने टॉयलेट का दरवाजा खोलकर शाम्भवी को बाहर निकाला।घर आकर बच्ची ने पूरा मामला बताया तब बच्ची के परिजन और माता-पिता स्कूल प्रबंधक से मांग करते रहे कि जिस छात्रा निशी पोरवानी निवासी गोर्वधन धाम कॉलोनी ने हमारी बच्ची को टॉयलेट में बंद किया है। उसके परिजन को बुलवाया जाए। मगर तीन दिन बीतने के बाद भी प्रबंधन ने निशी के परिजनों को नहीं बुलवाया। अब शाम्भवी के माता-पिता ने प्रबंधन पर कार्यवाही के लिए सोमवार को शिकायती आवेदन चिमनगंज थाने में दिया है।
कोई हंगामा न करे, स्कूल की होगी बदनामी
सोमवार को जब सेंटपॉल स्कूल बालिका की माता स्वेता सोलंकी पहुंची और निशी के परिजनों को स्कूल में बुलवाने की बात कहने लगी इस पर सेंटपॉल की प्राचार्य रोजटाम ने कहा कि घटना छोटी है। आप लोग हंगामा न करें इससे स्कूल की बदनामी होगी।
बालिका के नाना अस्पताल में भर्ती
शनिवार को शाम्भवी को सेंटपॉल स्कूल के टॉयलेट में बंद कर दिया था। जब वह घर पहुंची और पूरा घटनाक्रम माता-पिता और नाना को बताया तो यह सब लोग तत्काल सेंटपॉल स्कूल पहुंचे और प्रबंधन से शिकायत की। जब सुनवाई नहीं हुई तो बालिका के नाना लक्ष्मी नारायण बीमार हो गए जिन्हें पाटीदार अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
निशी की माता का आया फोन
सोमवार की शाम को शाम्भवी की माता स्वेता के पास निशी की माता का फोन आया और कहा कि समाचार पत्र के माध्यम से पता चला था कि मेरी बच्ची ने आपकी बालिका को टॉयलेट में बंद कर दिया है। लेकिन मेरी बालिका ऐसा नहीं कर सकती है। इस पर स्वेता ने कहा कि दूसरी छात्रा ने भी यह देखा था। इसलिए आप लोगों को स्कूल बुलाने की मांग स्कूल प्रबंधन से कर रहे हैं। इस पर निशी की मां ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।