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स्वच्छता अभियान की शुरुआत, पहले ही दिन महापौर ने साफ जगह लगाई झाडू
उज्जैन । नगर निगम आज से 2अक्टूबर तक स्वच्छता अभियान मना रहा है। पूरे शहर को साफ-सुथरा करने की कवायद की जा रही है। इसके तहत नगर निगम के सभी झोन कार्यालयों में कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलवाई गई। वहीं रामघाट तथा अन्य प्रमुख मंदिरों के आसपास विशेष साफ-सफाई अभियान के आयोजन किए जाएंगे। शुक्रवार सुबह सफाई अभियान की पोल खुलती हुई दिखाई दी। कई स्थानों पर गंदगी का ढेर लगा था। यहां तक की रामघाट पर भी साफ-सफाई का अभाव बना हुआ था। कई जगह कचरे से भरे डस्टबिन उठाए नहीं गए।
अभियान के नाम पर महापौर का दिखावा…
नगर निगम के कार्यालय से स्वच्छता अभियान का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री पारस जैन, विधायक डॉ. मोहन यादव, महापौर सहित निगम के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। सफाई अभियान की शुरुआत सड़क पर झाड़ू लगाकर की गई लेकिन नगर के प्रथम नागरिक ने पहले दिन ही साफ जगह पर झाड़ू लगाकर सफाई का संदेश दिया। वहां पर जबकि कचरा और गंदगी पड़ी हुई था। यदि साफ-सफाई में इतनी ही रुचि थी तो महापौर को पहले गंदगी और कचरा उठाकर शहरवासियों के सामने आदर्शन मिसाल पेश करनी थी।
प्रचार-प्रसार के लिए ३ करोड़ का बजट समझ से परे
गुरुवार की शाम को महापौर ने पत्रकारवार्ता ली। पत्रकारों को बताया गया कि स्वच्छता अभियान के तहत प्रचार-प्रसार के माध्यम से जनजागरूकता फैलाना है। इसके लिए कार्यशाला का आयोजन कृषि उपज मंडी में जागरूकता एवं सफाई अभियान भी चलाना है। प्रचार-प्रसार के लिए तीन करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। शहर में फ्लैक्स के साथ फेसबुक पर भी सफाई अभियान से संबंधित चित्र अपलोड किए जाएंगे। वहीं शहर के मुख्य स्थानों पर एलईडी के माध्यम से नागरिकों को सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसमें लगभग तीन करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह बजट समझ के परे हैं क्योंकि तीन करोड प्रचार-प्रसार के लिए खर्च होना संभव नहीं है। इसमें भी भ्रष्टाचार की बू आ रही है।