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ऋषिनगर पेट्रोल पंप पर हादसा… सीएनजी सिलेंडरों से भरी आयशर में लगी भीषण आग
उज्जैन । ऋषिनगर स्थित पेट्रोल पम्प पर ही सीएनजी गैस रिफिलिंग का मदर स्टेशन भी है। यहां पर रोजना सैकड़ों आटो व अन्य वाहन चालक गैस रिफिल कराने पहुंचते हैं। आज सुबह पर सीएनजी भरे सिलेण्डरों से लदी आयशर में भीषण आग लग गई।
सिलेण्डरों से जैसे ही सीएनजी लिकेज शुरू हुआ तो गोलियां चलने जैसी आवाजें आने लगी। घबराये आयशर के ड्रायवर ने वाहन को चलाकर पेट्रोल पम्प से 50 मीटर दूर ऋषि नगर अंदर की तरफ खड़ा किया और भाग निकला। इस दौरान पेट्रोल पम्प के कर्मचारी भी पम्प से रफूचक्कर हो गये थे।
हादसा भीषण था और ऋषि नगर के हजारों रहवासियों की जान खतरे में पड़ चुकी थी। फायर ब्रिगेड के जांबाज कर्मचारियों ने साहस का परिचय देते हुए गैस सिलेण्डरों से धधक रहे आयशर वाहन की आग पर मशक्कत के बाद काबू पाया। आशयर के पम्प पर खड़े रहने से लेकर आग बुझाने तक अक्षर विश्व द्वारा मिनिट टू मिनिट का मौके पर रहकर कवरेज किया।
हादसे की कहानी डीलर की जुबानी
ऋषि नगर पेट्रोल पम्प के अधिकारी संतोष चौहान ने बताया कि सीएनजी से भरे सिलेण्डरों को मदरबोर्ड के नोजल से कनेक्ट कर वाहनों में सीएनजी भरने का काम फीलर जयप्रकाश जारवाल और रिंकू राठौर करते हैं। ड्रायवर रामबाबू को इस बात की जानकारी नहीं थी कि सिलेण्डरों से नोजल हटे हैं या नहीं। उसने वाहन आगे बढ़ा दिया जिससे जमीन में गढ़े पाईप उखड़ गये वहीं वाहन में रखे सिलेण्डरों से गैस रिसाव शुरू हो गया। ड्रायवर मौके से भाग गया।
ऋषिनगर पेट्रोल पंप पर आग बुझाने के साधन खाली, भड़के रहवासी, पंप बंद करवाने पर अड़े
पेट्रोल पंप पर आग नियंत्रण के उपकरण होना जरूरी है लेकिन ऋषिनगर पेट्रोल पंप पर भीषण अग्रिकांड हुआ लेकिन यहां आग पर काबू पाने के उपकरण नहीं थे। डीलर ने पंप के बाहर सीस फायर तो रखे थे लेकिन वह भी खाली थी। जब अक्षरविश्व ने इस संबंध में अधिकारी चौहान से पूछताछ की तो उसने गोडाउन से नये उपकरण उठवाकर पंप पर रखवा दिये।
ऑटो चालकों ने कहा- गली पम्प कर्मचारियों कीएक ओर पेट्रोल पम्प के अधिकारी आयशर वाहन चालक को आरोपी बताते हुए पूरे मामले का दोष ड्रायवर के माथे मढऩे में लगे थे, वहीं दूसरी ओर यहां ऑटो रिक्शा में सीएनजी भरवाने पहुंचे राकेश चौधरी, सुभाष गुर्जर ने बताया कि हमारा नंबर था लेकिन प्रेशर कम हो गया इसलिये सीएनजी से भरा दूसरा वाहन लगना था। यहां मौजूद पम्प कर्मचारी फीलर जयप्रकाश और रिंकू राठौर चाय-नाश्ता करने चले गये। उन्होंने आयशर से नोजल नहीं निकाले और ड्रायवर ने इसकी जांच किये बगैर वाहन आगे बढ़ा दिया।
कैसे चलता है गैस रिफिलिंग का सिस्टम
यहां के कर्मचारियों ने बताया सीएनजी गैस रिफिलिंग नागझिरी स्थित अवंतिका सीएनजी स्टेशन से भरकर आती है। आयाशर वाहनों में सिलेंडर लदे होते हैं जिनका प्रेशर 200 होता है। पेट्रोल पंप पर आयाशर वाहन को खड़ा करने के बाद उसे मदरबोर्ड के नोजल से जोड़ दिया जाता है जिसके बाद वाहनों में गैस भरना शुरू होता है। प्रेशर 100 आने के बाद वाहनों में गैस नहीं भराती इस कारण दूसरा वाहन लगा दिया जाता है।
जिस वाहन में आग लगी उसके सिलेडरों में 100 प्रेशर गैस ही थी। यदि 200 प्रेशर के सिलेंडरों में आग लगती तो हादसा और अधिक भीषण हो सकता था। प्रारंभिक तौर पर प्रशासन ने पेट्रोल पम्प सील करने के निर्देश दिये हैं वहीं दो कर्मचारी जयप्रकाश जारवाल और रिंकू राठौर को भी पूछताछ के लिये थाने पर बैठाया है। मौके से जला हुआ वाहन हटवाने के लिये क्रेन बुलवाई गई वहीं विद्युत मंडल कर्मचारी आग लगने से झुलसे बिजली के तारों की मरम्मत में लग चुके थे।