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सुरक्षा दृष्टि से अब मंदिर दर्शन के लिए दिखाना पड़ेगा पहचान-पत्र
उज्जैन | ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में सुरक्षा की दृष्टि से व्यवस्थाओं में कुछ बदलाव किया गया। प्रशासक प्रदीप सोनी ने सत्कार शाखा में पुलिस चौकी के अधिकारियों एवं डीगेट पर तैनात कर्मचारी और शीघ्र दर्शन काउंटर कर्मचारियों से चर्चा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि मंदिर की सुरक्षा की दृष्टि से डीगेट से प्रवेश लेने वाले श्रद्धालुओं से पहचान पत्र दिखाना होगा।
शीघ्र दर्शन काउंटर के कर्मचारी को निर्देश दिये कि वह 250 रुपए की टिकट देने से पूर्व श्रद्धालु का पहचान पत्र देखा जाए और दर्शनार्थी का नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं पहचान टिकट पर लिखा जाये। पुलिस अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वह डीगेट पर आवश्यक रूप से चैकिंग करें। इससे पहले निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस चौकी के समीप परिसर में खड़े दोपहिया वाहनों को हटवाया गया और संबंधितों को निर्देश दिये कि भविष्य में परिसर में वाहन खड़े न किए जाएं वरना आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। वाहन न आ पाएं इसलिए परिसर के गेट पर ताला लगा दिया है।
पहचान पत्र से दी जाए भस्मारती की परमिशन
प्रशासक सोनी ने भस्मारती की परमिशन देने वाले अधिकारियों को निर्देश दिए कि भस्मारती की परमिशन उन्हीं दर्शनार्थियों को दी जाए जिन्होंने पहचान पत्र की फोटो प्रति उपलब्ध करवाई है। बगैर पहचान पत्र के भस्मारती की परमिशन किसी को न दी जाए। निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। उल्लंघन किए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।