- डीआईजी और एसपी की मौजूदगी में उज्जैन में हुई बलवा ड्रिल: जवानों को दिया प्रशिक्षण, सिखाई गई भीड़ प्रबंधन तकनीक
- सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
आठ गांवों के किसान बोले- खूंटे से बंधी हमारी गायें ले गए निगमकर्मी
उज्जैन | आठ गांवों के किसानों ने मंगलवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय पहुंचकर निगम आयुक्त डॉ. विजयकुमार जे से मुलाकात की। उन्होंने कहा-हम किसान हैं, कोई धंधेबाज नहीं कि रुपयों के लिए पशु आवारा छोड़ दें। दो दिन पहले निगम का अमला गांव में आया और खूंटे से बंधे पशुओं को अपने साथ ले गया। विरोध करने पर किसानों के साथ अभद्रता भी की। यही नहीं किसानों के परिजनों जिनमें युवतियां भी थी, उनको अपशब्द कहे। नीमनवासा के राधेश्याम मालवीय ने कहा-मेरे दुधारू पशु पकड़कर कपिला गोशाला ले गए। छुड़ाने लगा तो दादागिरी करने लगे। अायुक्त ने कहा-निगम के अमले को गांवों में नहीं जाने की हिदायत दी है। इसके बावजूद भी कोई गए हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। जो गायें गांवों से लाकर कपिला गोशाला में छोड़ी हैं, उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
किसान मोर्चा की अगुवाई में शंकरपुर, पंवासा, नीमनवासा, माधवपुरा, मोरूखेड़ी, हामूखेड़ी, मुल्लापुरा, मोहनपुरा के किसान पहले आगर रोड स्थित नगर निगम कार्यालय पहुंचे लेकिन आयुक्त नहीं मिले। अध्यक्ष चंद्रविजयसिंह ने मोबाइल से संपर्क किया तो किसानों को मेला कार्यालय बुलाया। मेला कार्यालय पहुंचे किसानों ने कहा-ग्रामीण क्षेत्र भले ही शहर का हिस्सा हो गया है लेकिन वहां अब भी बड़ी संख्या में पशु हैं लेकिन सभी अावारा नहीं हैं। शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़ने की जगह गांव में खूंटे से बंधे पशुओं को क्यों लाया जा रहा है।