- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
सड़कें बनी नहीं, पंचायतों ने निकाल लिए अपने हिस्से के 9.50 लाख रु.
उज्जैन | जनपद पंचायत खाचरौद की तीन ग्राम पंचायतों में पंच परमेश्वर योजना के तहत सड़क व अन्य निर्माण की राशि 9 लाख 53 हजार रुपए बगैर कार्य पूरा हुए आहरित करने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में जिला पंचायत सीईओ संदीप जीआर ने तीनों पंचायतों के सरपंच व सचिवों के खिलाफ राशि गबन करने पर कार्रवाई के नोटिस जारी किए हैं।
वसूली की चेतावनी के साथ 8 जनवरी को सुनवाई
तीनों ही मामलों में जारी नोटिस में सीईओ ने सरपंच व सचिव के लिए लिखा है कि आपके द्वारा फर्जी तरीके से पंच परमेश्वर योजना ईपीओ जारी कर शासकीय धन का गबन कर आर्थिक अनियमितता की गई है, क्यों ना आपसे उक्त राशि की वसूली की जाए। इस संबंध में आप 8 जनवरी को 11.30 बजे सुनवाई के लिए उपस्थित होवें।
इन जनप्रतिनिधियों पर हुई कार्रवाई
ग्राम पंचायत:- अमलावदिया : अमलावदिया व खजुरनाला में 5 लाख 11 हजार की लागत से तीन सीसी निर्माण होने थे। कुछ के निर्माण पूरे कर लिए, शेष रहे काम के लिए डीपीआर नहीं बनाई गई। ऐसे में इनके पूर्णता के प्रमाण पत्र भी जारी नहीं होने के बावजूद पंचायत द्वारा निर्माण की राशि आहरित कर ली गई।
ग्राम पंचायत:- अजीमाबादपारदी : गांव में 3 लाख 55 हजार से सीसी निर्माण होना था। गुणवत्ताहीन होने से पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। रिपेयरिंग व शेष कार्य की डीपीआर नहीं बनाई। बावजूद राशि आहरित कर ली गई।
ग्राम पंचायत:- भाटीसुड़ा : गांव में दो सीसी रोड का निर्माण 87 हजार से होना था। मार्ग के निर्माण तो पूरे हो गए लेकिन कटिंग व सुधार कार्य बाकी होने से पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किए। रिपेयरिंग व शेष रही सड़क की डीपीआर नहीं बनाई जाने के बावजूद पंचायत ने राशि आहरित कर ली, जो गबन की श्रेणी में अाता है।