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अब बस हादसा हुआ, तो स्कूल संचालक पर होगा केस : कलेक्टर
उज्जैन | स्कूल बसों को चलाने में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संचालक फिर कार्रवाई से बच गए या यूं कहा जाए कि उन्हें फिर राहत दे दी। 14 दिसंबर को आरटीओ ने बैठक लेकर 1 जनवरी तक का वक्त दिया था। चेतावनी दी थी कि स्पीड गवर्नर, कैमरे लगा ले नहीं तो परमिट रद्द कर दिया जाएगा। दिन गुजरे, 1 जनवरी भी बीत गई लेकिन आरटीओ ने एक भी स्कूल बस की जांच नहीं की।
यह ढर्रा ऐसा ही चलता रहता लेकिन इंदौर में हुए हादसे के बाद बैठक बुलानी पड़ी। चूंकि पहले इतना ज्यादा वक्त दिया जा चुका था इसलिए अब अफसर चाहते तो 48 घंटे का वक्त देकर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा लेते लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब उन्हें 15 जनवरी तक का समय दे दिया। यानी सात दिन और नियमों के खिलाफ चल रही स्कूल बसों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कलेक्टर संकेत भोंडवे और एसपी सचिन अतुलकर ने चेतावनी जरूर दी कि अब बस हादसा हुआ तो स्कूल संचालकों पर गैर जमानती धाराओं में एफआईआर होगी। मेला कार्यालय में बैठक में पहली बार इतनी भीड़ थी कि अतिरिक्त कुर्सियां कम पड़ गई। आरटीओ संतोष मालवीय ने सभी स्कूल संचालकों को वाहनों के संचालन से जुड़े 14 बिंदुओं का ताजा पत्र दिया। अंत: में इंदौर की दुर्घटना के मृतकों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।