- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
- महाकाल मंदिर में तड़के हुई भस्म आरती, वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद खुले गर्भगृह के पट; शेषनाग मुकुट में सजे बाबा महाकाल!
- स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट, महाकाल का हुआ पंचामृत अभिषेक; भांग-चंदन और गुलाब माला से हुआ दिव्य श्रृंगार!
- भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले उज्जैन में प्रार्थना: शिवलिंग के सामने रखी खिलाड़ियों की तस्वीरें, क्रिकेट फैंस ने मांगा आशीर्वाद
आज भोले की बरात में निकलेंगे भूत, 50 हजार श्रद्धालुओं का भोजन तैयार
उज्जैन | महाशिवरात्रि पर्व के बाद महाकाल भक्तमंडल एवं शयन आरती भक्त मंडल ने मंगलवार को रूद्रसागर पाल पर भगवान शिव-पार्वती विवाह रिसेप्शन आयोजित किया है। रिसेप्शन स्थल पर सोमवार रात से ही नुक्ती, बालूशाही, खोपरापाक, बर्फी बनाने का काम शुरू हुआ। सुबह पुड़ी, सब्जी, भजिये, कचौरी आदि बनाने काम भी दोपहर तक जारी था। करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए यह भोजन तैयार करवाया जा रहा है। भक्त मंडल के महेंद्र कटियार, चंद्रशेखर वशिष्ठ, राधेश्याम दुबे ने बताया उक्त पकवानों के साथ पुलाव, पापड़, दही बड़े, मठरी भी तैयार करवाई जा रही है। श्रीखंड, गुलाब जामुन, रसमलाई भी तैयार हो रही है। नगरकोट से दोपहर में भूतों की बारात निकलेगी जो महाकाल होकर रूद्रसागर पहुंचेगी। शाम ६ बजे से भोज शुरू होगा।