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शहर के पांच भवनों पर दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए लिफ्ट लगाने की कवायद
उज्जैन | शहर के पांच भवनों पर दिव्यांगों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने के लिए यूडीए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए लिफ्ट लगाने वाली कंपनी के एक्सपर्ट को बुलाया है। एक्सपर्ट को पहले सभी भवनों का अवलोकन कराया जाएगा। जहां जरूरत होगी वहां सिविल वर्क भी होगा। इस कारण दो तरह के टेंडर लगाए जाएंगे। एक लिफ्ट लगाने का और दूसरा सिविल वर्क का।
केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय ने हाल ही में पांच भवनों पर आठ लिफ्ट लगाने के लिए 2.14 करोड़ रुपयों की मंजूरी दी है। पहली किस्त का पैसा भी जारी कर दिया गया है। यूडीए द्वारा पहली बार भवनों में लिफ्ट लगाने का काम किया जाएगा। प्राधिकरण द्वारा आमतौर पर भवन निर्माण के काम ही किए जाते हैं। लिफ्ट लगाने का काम इलेक्ट्रिक से संबंधित है। इस कारण एक लिफ्ट लगाने वाली कंपनी के एक्सपर्ट को बुलाया गया है।
एक्सपर्ट करेंगे अवलोकन
एक्सपर्ट को कोठी पैलेस, कोर्ट भवन, महाकाल मंदिर प्रशासनिक भवन, फेसिलिटी सेंटर और सिंहस्थ मेला कार्यालय का अवलोकन कराया जाएगा। वर्तमान में कोर्ट भवन सहित दो भवनों में ही लिफ्ट लगाने के लिए डक्ट छोड़ी गई है। जिन भवनों में डक्ट नहीं हैं, उनमें पहले डक्ट का निर्माण होगा। इसके बाद ही लिफ्ट की फिटिंग हो सकेगी। लिहाजा, प्राधिकरण द्वारा दो तरह के टेंडर लगाने की तैयारी की जा रही है। संभवतः अगले हफ्ते तक टेंडर का मसौदा तैयार हो जाएगा।
कोठी पैलेस पर भी टटोलेंगे संभावना
कोठी पैलेस पर भी 8 लोगों की क्षमता वाली 3 लिफ्ट लगाने की स्वीकृति केंद्र ने दी है। जिस समय यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था, तब नए कलेक्टोरेट भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका था। कोठी पैलेस के पास ही नए कलेक्टोरेट भवन का निर्माण किया जा रहा है और इसमें लिफ्ट का प्रावधान भी कर दिया गया है। इस कारण असमंजस की स्थिति बन गई थी कि कोठी पैलेस पर लिफ्ट लगेगी या नहीं। सूत्रों के मुताबिक यह तय किया गया है कि कलेक्टोरेट भवन बनकर तैयार होने में अभी काफी वक्त लग सकता है। इस कारण कोठी पैलेस पर केंद्र की स्वीकृति के अनुसार लिफ्ट लगाई जाएगी। एक्सपर्ट द्वारा यह भी देखा जाएगा कि कोठी पैलेस पर लिफ्ट लगाई जा सकती है या नहीं। वजह यह कि भवन 100 साल से अधिक पुराना हो चुका है। ऐसे में लिफ्ट लगाने को जोखिम लिया जाए या नहीं, यह भी निरीक्षण के बाद ही तय हो सकेगा।