- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
गुस्साए किसानों ने सड़क पर ढोल दी लहसुन और चने से भरी ट्रॉली
उज्जैन। चना-लहसुन उपज के उचित दाम नहीं मिलने से परेशान किसानों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कोठी पर पहुंचकर उपज फेंक दी और नारेबाजी की। शासन ने चना-लहसुन फसल के लिए समर्थन मूल्य देरी से घोषित किया तथा फसल विक्रय के लिए पंजीयन तथा भोपाल से एसएमएस भेजने की कार्रवाई से भी परेशानी बढ़ी है। वास्तविक किसानों को एसएमएस मिल ही नहीं रहे। वहीं किसानों को महज ४० क्विंटल तक ही चना फसल उपार्जन केंद्रों पर लाने के निर्देश भी एसएमएस में दर्ज किए जा रहे हैं। उधर लहसुन फसल में १६०० रुपये क्विंटल के ऊपर बिकवाली पर ही भावांतर योजना का लाभ देने की सरकार की घोषणा से किसान नाराज हैं।