- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
- बसंत पंचमी पर महाकाल दरबार पीले रंग में सजा, आज से होली तक रोज अर्पित होगा गुलाल
- महाकाल मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; शेषनाग मुकुट और रजत मुण्ड माला में सजे बाबा महाकाल
- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
थमी गादी की कलह, प्रकाशपुरी रवाना, दयापुरी महाकाल मंदिर के नए महंत
उज्जैन। महाकाल मंदिर में महानिर्वाणी अखाड़े के नए महंत दयापुरी महाराज होंगे। दो दिन चले घटनाक्रम के बाद पूर्व महंत प्रकाशपुरी बुधवार दोपहर ट्रेन से भोपाल के लिए रवाना हो गए। वहां से वे यमुनागर कलाबड़ स्थित राधामाई मठ में जाएंगे। रवानगी से पहले प्रकाशपुरीजी ने भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की।
बता दें कि पद से त्यागपत्र देने के 10 दिन बाद महंत प्रकाशपुरीजी 30 अप्रैल को फिर से महाकाल मंदिर पहुंचे थे। अखाड़े में महंत गादी पर बैठने के बाद उन्होंने कहा था कि मैंने पद नहीं त्यागा है। इधर त्यागपत्र के बाद अखाड़े ने दयापुरीजी महाकाल को नियुक्ति पत्र देकर महंत पद की जिम्मेदारी सौंप दी थी। प्रकाशपुरी के आने के बाद अखाड़े में एक गादी पर दो महंतों की दावेदारी हो गई थी।
ऐसे हुई सुलह
दयापुरी महाराज ने घटनाक्रम की जानकारी अखाड़े के शीर्ष नेतृत्व को दी। सुलह के लिए ओंकारेश्वर से महंत कैलाश भारतीजी मंगलवार रात महाकाल मंदिर पहुंचे। रात में महंत प्रकाशपुरीजी से उनकी लंबी चर्चा हुई। उन्होंने प्रकाशपुरीजी को बताया कि अखाड़े ने दयापुरी को नया महंत नियुक्त कर दिया है, अब आप अपने कलाबड़ स्थित आश्रम में जाकर रहें। इसके बाद बुधवार दोपहर करीब 1 बजे प्रकाशपुरी रवाना हो गए।
निर्माल्य गेट से ऑटो में बैठे प्रकाशपुरी
भोपाल रवाना होने से पहले प्रकाशपुरीजी ने भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की। इसके बाद निर्माल्य द्वार से वे मंदिर के बाहर आए और ऑटो में बैठकर रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हो गए। मीडियाकर्मियों ने उनसे चर्चा करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
महंताई चादर में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होंगे
प्रकाशपुरी के जाने के बाद अखाड़े में नए महंत की महंताई चादर रस्म की तैयारी तेज हो गई है। अखाड़ा सूत्रों के अनुसार महंताई चादर में 13 अखाड़ों के वरिष्ठ साधु-संत, गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। इनके आवास, भोजन तथा भंडारे के लिए होटल, धर्मशाला व मुख्य समारोह के लिए स्थान का चयन शुरू हो गया है।