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विक्रम विश्वविद्यालय में लोकपाल बनने की दौड़ में तीन नाम
उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में लोकपाल बनने की दौड़ में अंतिम तीन नाम सामने आए हैं। एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, दूसरे प्राचार्य और तीसरे प्राफेसर। तीनों में से कौन लोकपाल बतौर नियुक्त होगा, इसका फैसला इसी माह कुलपति ने की बात कही है।
मालूम हो कि मध्यप्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की शिकायतों के निराकरण के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने लोकपाल की नियुक्त के आदेश जारी किए हैं। पात्र सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश या 10 वर्ष का अनुभव रखने वाले प्राध्यापकों को माना है। पहले चरण में विक्रम विश्वविद्यालय में लोकपाल की नियुक्ति के लिए बुलाए आवेदन पर उच्च शिक्षा विभाग की अन्वेषण समिति ने विचार कर तीन नाम अनुशंसा स्वरूप कुलपति प्रो. एसएस पांडे को भेजे हैं।
इनके नाम फाइनल
इंदौर निवासी सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल पारे, मंदसौर निवासी सेवानिवृत्त स्नातकोत्तर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानचंद खिमेसरा और उज्जैन के केडी गेट निवासी सेवानिवृत्त प्रोफेसर विकार हुसैन बादशाह हैं। कुलपति को महीनेभर में इनमें से एक की नियुक्ति बतौर लोकपाल विक्रम विवि में करना है। फिलहाल एडमिशन का दौर चल रहा है और कुछ ही दिनों में विक्रम विवि कार्य परिषद की बैठक होना है। ऐसे में कुलपति परिषद की राय लेकर लोकपाल की नियुक्ति करते है या परिषद की बैठक होने से पहले
इसलिए जरूरी लोकपाल
विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणाम सहित अन्य मसलों को लेकर अक्सर विद्यार्थियों की शिकायतें सामने आती हैं। कई शिकायतें राजभवन सहित उच्च शिक्षा विभाग तक भी पहुंच रही थीं। विश्वविद्यालय स्तर पर उनका उचित समाधान न होते देख उच्च शिक्षा विभाग ने सभी यूनिवर्सिटी में लोकपाल नियुक्त करने की तैयारी की है। नई नियुक्तियों के बाद विद्यार्थी सीधे लोकपाल को शिकायत कर सकेंगे। लोकपाल स्वतंत्र रूप से इन शिकायतों का निराकरण कर सकेंगे। लोकपाल एक अंशकालिक अधिकारी होगा, जिसे तीन वर्ष के लिए अथवा 70 वर्ष की आयु प्राप्त होने तक नियुक्त किया जाएगा।
3 जुलाई तक कर सकते आवेदन
उज्जैन के अवंतिका और महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय एवं अवंतिका विश्वविद्यालय सहित प्रदेश की 47 यूनिवर्सिटी में लोकपाल की नियुक्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने 3 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।
इनका कहना
उच्च शिक्षा विभाग की अन्वेषण समिति ने लोकपाल नियुक्ति के लिए पैनल में तीन नामों की अनुशंसा की है। महीनेभर में इनमें से एक की नियुक्ति लोकपाल के रूप में कर दी जाएगी।
-प्रो. एसएस पांडे, कुलपति, विक्रम विश्वविद्यालय