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दाती मदन महाराज पर केस के बाद उज्जैन के आश्रम पर सन्नाटा
उज्जैन | दाती मदन महाराज पर दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद उसके उज्जैन स्थिति आश्रम में सन्नाटा पसरा हुआ है। आश्रम में महज एक सेवादार मौजूद है। बीते कुछ दिनों से अनुयायियों की आवाजाही भी न के बराबर हो गई है।
मदन महाराज ने 2015 में अंबोदिया रोड पर 5 बीघा जमीन खरीद आश्रम बनाने का काम शुरू किया था। दाती यहां स्कूल, अस्पताल व शनि मंदिर का निर्माण करना चाहता था, मगर किसी कारणवश काम रुका हुआ था। अंतिम बार दाती जनवरी-2018 में आश्रम व कृषि उपज मंडी में कंबल वितरित करने आया था।
अंबोदिया में दाती महाराज करीब 15 लाख रुपए बीघा के मान से जमीन ली थी। शुरुआत में आश्रम का कार्य बहुत तेजी से चला। सिंहस्थ तक कुछ कमरे व हॉल का निर्माण भी हो गया। सिंहस्थ के दौरान ही दाती महाराज की गतिविधियां बढ़ी थीं। आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान भी हुए। इधर, सिंहस्थ के बाद आश्रम का निर्माण धीमा पड़ गया। स्कूल, अस्पताल की योजनाएं भी आगे नहीं बढ़ पाईं।
आश्रम में स्थापित है शनि की मूर्ति
आश्रम में शनि की मूर्ति भी स्थापित है। यहां नित्य पूजा की जाती है। आसपास के ग्रामीण अनुयायी भी इसमें शामिल होते हैं। हालांकि केस दर्ज होने के बाद अनुयायियों का आश्रम आनाजाना कम हो गया है। यहां फिलहाल एक सेवादार है। ‘नईदुनिया” ने सेवादार से बात करना चाही तो उसने इंकार कर दिया।
सीएम भी आ चुके थे
सिंहस्थ के अंतिम दिनों में दाती ने एक आयोजन कर नि:सहाय महिलाओं को सिलाई मशीन व पंखे व गरीब छात्र-छात्राओं को किताबें बांटी थीं। इस आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी शिरकत की थी। सिंहस्थ के बाद दाती का उज्जैन आना-जाना कम होता गया। दाती महीने में एक बार उज्जैन आता था। इस दौरान आश्रम में ही गरीबों को गेहूं, कंबल आदि का वितरण किया जाता था।