- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
- महाकाल मंदिर में तड़के हुई भस्म आरती, वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद खुले गर्भगृह के पट; शेषनाग मुकुट में सजे बाबा महाकाल!
- स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट, महाकाल का हुआ पंचामृत अभिषेक; भांग-चंदन और गुलाब माला से हुआ दिव्य श्रृंगार!
उज्जैन में अब तक 21 इंच बारिश, औसत से 16 इंच दूर
उज्जैन । मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश हो रही है। 19 जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कई जिलों में बाढ़ आ गई है।बारिश का सबसे ज्यादा प्रभावित सागर जिला हुआ है। दो दिन से जारी बारिश से पूरे शहर में जलभराव हो गया है। बीना में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से यातायात बाधित रहा। कई ट्रेनें और मालगाड़ी प्रभावित हुईं। वहीं जब तक ट्रैक पर पानी भरा रहा तब तक प्लेटफॉर्म पर गाडिय़ों को खड़ा रखा गया। इधर होशंदाबाद में बारिश से नर्मदा और तवा का जलस्तर बढ़ गया है। सारनी सतपुड़ा बांध के 5 गेट खुलने से तवा में जलस्तर और बढ़ेगा।
उज्जैन सहित आसपास के इलाकों में हुई बारिश से सोमवार को शिप्रा नदी और गंभीर डेम का जलस्तर बढ़ गया है। गंभीर डेम आधा भर चुका है। इसमें अब तक 1237 एमसीएफटी पानी आ गया है। गंभीर डेम की कुछ क्षमता 2250 एमसीएफटी है। इंदौर स्थित यशवंत सागर पूरी क्षमता से भराने में अब ४ फीट पानी शेष रह गया है। यदि यह पूरी क्षमता से भर जाता है तो इसके गेट खुलते ही गंभीर डेम पूरी क्षमता से भर जाएगा।