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प्रशासन के अनुमान से पांच गुना अधिक श्रद्धालु पहुंचे शनि मंदिर, व्यवस्था बिगड़ी, इंदौर रोड पर लंबा जाम
उज्जैन। प्रशासन त्रिवेणी पर शिप्रा स्नान को आए ढाई लाख श्रद्धालुओं के इंतजामों में फेल होता दिखाई दिया। प्रशासन को अनुमान था कि 50 हजार श्रद्धालु स्नान व दर्शन को आएंगे लेकिन यह संख्या पांच गुना अधिक होने के कारण त्रिवेणी पर स्नान दर्शन के अलावा ट्राफिक व्यवस्था के लिए भी प्रशासन को पूरी रात जूझना पड़ा।
इंदौर रोड पर बार-बार वाहनों का जाम लगता रहा। प्रशासन को भान नहीं था कि श्रावण मास भी चल रहा है ऐसे में श्रद्धालु इतनी अधिक संख्या में आ जाएंगे। त्रिवेणी पर ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कारण इंदौर रोड पर सुबह से ट्राफिक जाम चल रहा था ट्राफिक इंचार्ज जीएस वर्मा तथा उनकी टीम जाम को खुलवाने तथा वाहन आगे बढ़ाने के लिए लगातार जुटी हुई थी।
त्रिवेणी की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बढऩे से सुबह 10 बजे ही सारे वाहन इंजीनियरिंग कॉलेज रोकने के आदेश प्रशासन ने जारी किए। जाम में फंसे वाहनों को महामृत्युंजय द्वार से त्रिवेणी शनि मंदिर पार करने में एक घंटे का समय लगा। त्रिवेणी घाट पर एडीएम डाबर भी पहुंचे तथा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
काले और बदबूदार पानी से हुआ श्रद्धालुओं का हुआ ‘पवित्र’ स्नान…
त्रिवेणी पर श्रद्धालुओं को नदी के काले व बदबूदार पानी में ही स्नान करना पड़ा। शिप्रा में पानी बढऩे से रामघाट तक पानी काला ही था। जिससे लोगों ने स्नान तो किया, लेकिन कहते नजर आए पानी बहूत गंदा और बदबूदार है….
नदी में जलस्तर ज्यादा, फव्वारे से हुआ स्नान….
बारिश के कारण त्रिवेणी घाट पर नदी का जल स्तर बढ़ा हुआ था। इस कारण प्रशासन ने घाट पर बैरिकेटिंग करके फव्वारे के माध्यम से स्नान के इंतजाम किए गए। किसी को भी घाट से नदीं में नहीं जाने दिया जा रहा था। तीन डेंजर जोन भी
बनाए गए थे।
रामघाट पर तीन लोगों के पेंट चोरी : रामघाट पर स्नान के लिए आए तीन श्रद्धालुओं के पेंट चोरी हो गए। उन्होंने रामघाट चौकी पर आकर शिकायत भी की तो ड्यूटीरत कर्मचारी बोले। अपने सामान की रक्षा स्वयं करो। श्रद्धालु मनमसोजकर लौट गए।
अक्षर विश्व सवाल…
स्नान के लिए त्रिवेणी मार्ग पर भारी भीड़ थी बावजूद इसके जन सुरक्षा को दरकिनार कर हाथी भी भीड़ में प्रवेश कर गया। बगैर वनविभाग की टीम के यदि हाथी बिगड़ जाता तो…