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नि:शक्त दम्पत्ति अपने गृह जिले में आवेदन कर सकेंगे, राज्य शासन ने नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना में किया संशोधन
राज्य शासन ने नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना में संशोधन किया है। इसके अनुसार योजना से लाभ लेने वाले दम्पत्ति में से यदि पति नि:शक्त है तो अपने गृह जिले में, अगर पत्नी नि:शक्त है तो अपने गृह जिले में आवेदन कर सकते हैं।
पति-पत्नी दोनों नि:शक्त हैं और वह एक ही जिले के निवासी हैं तो वह संयुक्त रूप से उसी जिले में, यदि पति-पत्नी दोनों नि:शक्त हैं एवं अलग-अलग जिले के निवासी हैं, तो दोनों संयुक्त रूप से किसी एक जिले में आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिये संबंधित जिले के संयुक्त संचालक/उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त जन-कल्याण विभाग में विवाह सम्पन्न होने के एक वर्ष के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। दम्पत्ति को एक ही जिले से इस योजना का लाभ मिल सकेगा।