- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
- बसंत पंचमी पर महाकाल दरबार पीले रंग में सजा, आज से होली तक रोज अर्पित होगा गुलाल
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- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
महाकालेश्वर को सबसे पहले बंधी राखी, सवा लाख लड्डुओं का महाभोग
उज्जैन। रक्षा बंधन का पर्व सबसे पहले महाकाल मंदिर में मनाया गया। पुजारियों ने तड़के 4 बजे भस्मारती में राजाधिराज महाकाल को राखी बांधी। इससे पहले भगवान का सोने, चांदी के आभूषण व नवीन वस्त्र धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार किया गया।
मंदिर की परंपरा अनुसार भगवान को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग भी लगाया गया। भक्तों को दिनभर लड्डू महाप्रसादी का वितरण हुआ। महाकाल के दिव्य रूप के दर्शन और महाप्रसादी लेने के लिए देश-विदेश से हजारों भक्त उमड़े।

महापर्व को देखते हुए मंदिर में आकर्षक पुष्प और विद्युत सज्जा की गई थी। इधर, महाकाल में श्रावण मास के समापन पर जयपुर के प्रसिद्ध जिया बैंड ने मंदिर के गणेश मंडपम् में प्रस्तुति दी। यह पहला अवसर है जब किसी बैंड ने मंदिर के भीतर प्रस्तुति दी है।