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लुटेरी दुल्हन, कथित भाई-बहन पुलिस की हिरासत में
उज्जैन। बड़ौद के गांव में रहने वाले दिव्यांग की शादी 60 हजार रुपये लेकर एक युवती से कराने के मामले में महाकाल पुलिस ने लुटेरी दुल्हन और उसकी कथित बहन व भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है, जबकि दलाल 60 हजार रुपये लेकर भाग गया जिसकी तलाश की जा रही है।
ग्राम बेइंका बड़ौद निवासी कृपाल पिता उदालाल सूर्यवंशी के पास जीवन निवासी बरखेड़ा पहुंचा। उसने दिव्यांग कृपाल की शादी कराने के नाम पर उसके पिता उदालाल से 60 हजार रुपयों की मांग की। उदालाल 60 हजार रुपये देने को राजी हो गया तो जीवन अपने साथ रानी चौहान पिता राजाराम 24 वर्ष निवासी शिवनगर देवास को साथ लेकर उदालाल के गांव पहुंचा। यहां कृपाल ने रानी को पसंद कर लिया जिसके बाद दोनों पक्ष 19 सितम्बर को चिंतामन गणेश मंदिर पहुंचे।
यहां युवक-युवति ने एक दूसरे को हार पहनाया व शादी कर ली। इसके बाद दोनों पक्ष कोर्ट गये और यहां नोटरी की मदद से कागजात तैयार कराकर शादी की।
इसके बाद कृपाल के पिता उदालाल सूर्यवंशी ने जीवन को 60 हजार रुपये दे दिये और बहू रानी को लेकर गांव लौट गया। गांव में रहने वाले अन्य रिश्तेदारों व जीवन ने चार दिन बाद कहा कि फिर से चिंतामन गणेश मंदिर चलकर विधि विधान से शादी कर लेते हैं। इस पर उदालाल अपने बेटे कृपाल, बहू रानी और अन्य रिश्तेदारों के साथ कल चिंतामन गणेश मंदिर आ गये। यहां पर दलाल जीवन जो रानी को अपनी साली बता रहा था वह कथित भाई राहुल बना व एक अन्य युवती के साथ आया।
उदालाल अपने परिजनों के साथ फेरे की तैयारी कर रहे थे उसी दौरान रानी अपने कथित भाई के साथ बाईक पर बैठकर भागने लगी। उसे दिव्यांग कृपाल ने पकड़ लिया लेकिन कथित भाई मौके से भाग निकला। उदालाल ने रानी को पुलिस के सुपुर्द किया जिसे कथित बहन के साथ महाकाल थाने लाकर पूछताछ शुरू की गई। रानी ने कबूला कि जीवन, राहुल सभी लोग फर्जी हैं और शादी का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठते हैं।