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सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट: ऋषिनगर के रहवासी भी हुए परेशान
महिलाएं बोलीं- खाना बनाना भी मुश्किल
व्यवसायी नहीं खोल पा रहे अपनी दुकान
उज्जैन। भूमिगत सीवरेज पाइप लाइन प्रोजेक्ट के लिए खोदकर बेतरतीब तरीके से भरे जा रहे गड्ढे जहां हादसों का कारण बन रहे हैं। वहीं महिलाएं भी इससे काफी परेशान नजर आ रही हैं।
इस संबंध में जब गुरुवार को ऋषिनगर व वेदनगर क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति जानी तो हालात और ज्यादा खराब नजर आए। यहां तो बेतरतीब खोदी गई सड़कों के सही तरीके से नहीं भरने के कारण महिलाओं का आना-जाना तो मुश्किल हुआ ही खाना बनाना तक मुहाल हो गया है।
रहवासियों के अनुसार सीवरेज पाइप लाइन भविष्य में जरूरी हो सकती है। इसका विरोध नहीं कर रहे लेकिन जिस तरीके से सड़कों की खुदाई हो रही है उसे सही तरीके से तुरंत भरा जाए। मिट्टी को सड़क पर नहीं छोड़ें।
बाद में भले ही तय समय पर सड़क बनाएं लेकिन सही तरीके से काम हो जिससे लोगों को तो परेशान नहीं होना पड़ेगा।
जिम्मेदारों का एक ही जवाब
इस संबंध में निगम के अधिकारी हो या कांट्रेक्टर सभी खोदी गई सड़क को पुन: बनाने के नाम पर रटा-रटाया जवाब दे रहे हंै। जिम्मेदारों का कहना है कि मिट्टी दबने के बाद डेढ़ माह बाद ही रोड बनाई जा सकती है। कोई भी जिम्मेदार गड्ढों को सही तरीके से भरने पर विचार करने को तैयार नहीं है।
एकजुट होकर दें ज्ञापन
गड्ढों को सही नहीं भरने, पाइप की साइज कम होने व समय पर सड़क नहीं बनने पर रहवासी नगर निगम की हेल्प लाइन २५३५२४४ पर शिकायत करे। सुनवाई नहीं होने पर नगर निगम कमिश्रर को लिखित में शिकायत करें या सामूहिक रूप से ज्ञापन दें।
ऐसा लगता है गांव में गाड़ी चला रहे हैं
मुझे बच्चों को स्कूल छोडऩे और लेने जाना पड़ता है लेकिन सड़कों को खोदने के कारण गाड़ी चलाना भी मश्किल है। यहां की सड़कों पर चलते हंै तो ऐसा लगता है कि हम गांव में पगडंडी पर गाड़ी चला रहे हैं।
– सुदीप्ति त्रिपाठी, गृहिणी वैधनगर
बच्चों को स्कूल छोडऩे कैसे जाएं। पाइप लाइन खोदने वालों ने सड़कों की हालत ऐसी करके छोड़ दी है कि गाड़ी चलाना तो ठीक पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इतने दिन बाद भी स्थिति जस की तस है।
– सरिता पंवार, गृहिणी, ऋषिनगर
मेरी घर से लगी ही फोटोकापी की दुकान है। घर के सामने ही सड़क खोदकर छोड़ दी जिससे इतनी धूल उड़ती है कि काम करना तो मुश्किल है ही धूल भरने से मशीनें भी खराब हो रही हैं।
– अनिता सोनी, दुकान संचालक, ऋषिनगर
घर के सामने ही सड़क खुदी होने के कारण मिट्टी फैली रहती है, जो उड़कर खाने-पीने के सामान में आती है। इस कारण खाना बनाना तक मुश्किल है।
– नैना सोनी, गृहिणी, ऋषिगनगर



