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ग्वालियर एयरबेस से गए थे मिराज, यह था बड़ा कारण
पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंपों पर हमला करने वाले मिराज 2000 ग्वालियर के महाराजपुर एयरबेस से गए थे। इसके पीछे बड़ा कारण यह था कि पाकिस्तान की नजर पठानकोट और आदमपुर एयर बेस पर थी, इसी वजह से फारवर्ड एयरबेस को इस हमले के लिए नहीं चुना गया।
भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले में 40 जवानों की शहादत का बदला पाकिस्तान के घर में घुसकर बड़ी कार्रवाई कर ले लिया है| भारतीय वायुसेना ने सोमवार की देर रात करीब 3.30 बजे मिराज के 12 फाइटर जेट से हमला किया और मुजफ्फराबाद, बालाकोट और चकोट में स्थित आतंकी कैंप पर बमबारी कर उसके कैंप को पूरी तरह तबाह कर दिया| सरकार ने इस हमले की पुष्टि कर दी है| भारतीय वायुसेना की इस बड़ी कार्रवाई पर विदेश सचिव विजय गोखले ने जानकारी दी है|
इस बीच इस कार्रवाई में एक और बड़ा खुलासा हुआ है| आतंकी कैंपों को ध्वस्त करने वाले मिराज 2000 ग्वालियर के महाराजपुर एयरबेस से गए थे। इसके पीछे बड़ा कारण यह था कि पाकिस्तान की नजर पठानकोट और आदमपुर एयर बेस पर थी, इसी वजह से फारवर्ड एयरबेस को इस हमले के लिए नहीं चुना गया। 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हुए आतंकी हमले के बाद सरकार और सेना ने आतंकियों को कड़ा जवाब देने की ठान ली थी।
भारत का कड़ा रुख देखते हुए पाकिस्तान भी सर्तक था। पाक की नजर जम्मू-कश्मीर और पंजाब के एयरबेस पर थी। माना जा रहा है कि वायुसेना ने इसीलिए अंदरुनी इलाकों के एयरबेस का इस्तेमाल किया। हालांकि वायु सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, भारतीय एयर फोर्स ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे पाकिस्तान स्थिति कई आतंकी ठिकानों पर हमला किया है। ये हमला मिराज विमान के द्वारा किया गया है। हमले के लिए मिराज विमानों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर से उड़ान भरी थी।
क्योंकि मिराज फाइटर प्लेन का एयरबेस ग्वालियर में स्थिति है। इसलिए यह माना जा रहा है कि इस हमले के लिए जिन फाइटर प्लेन ने पाकिस्तान में हमला किया है उन्होंने ग्वालियर से उड़ान भरी थी।पीओके में हमला कर यह फाइटर जेट वापस लौट आए। यह भी बताया जा रहा है कि इतनी ज्यादा दूरी तय करने के दौरान विमानों को हवा में ही फ्यूल भरा गया होगा।वायुसेना के मिराज 2000 ने पीओके में घुसकर जैश ए मोहम्मद, हिजबुल मुजाहीद्दीन और लश्कर ए तैयबा के आंतकी ठिकानों पर 1000 किलों से ज्यादा के बम गिराए. इस हमले में कई आतंकी ठिकाने और लॉन्च पैड तबाह हुए है. भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई में 200 से 300 आतंकी मारे गए है|