- मिस इंडिया एक्सक्विजिट ईशा अग्रवाल पहुंचीं महाकाल: भस्म आरती में शामिल होकर किया पूजन, देश की खुशहाली की कामना
- उज्जैन दौरे पर CM: सपत्नीक अंगारेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान का कियाअभिषेक; सेन समाज कार्यक्रम के बाद छिंदवाड़ा रवाना होंगे!
- महाअष्टमी पर महामाया मंदिर से शुरू हुई नगर पूजा: 28 किमी तक चली मदिरा की धारा, संत-महंतों की रही मौजूदगी; श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
- महाकाल की दिव्य भस्म आरती: चांदी के पट खुलते ही गूंजे जयकारे, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला से हुआ श्रृंगार
- महाकाल मंदिर की सुरक्षा पर संसद में उठी आवाज: राज्यसभा सांसद बोले- बढ़ती भीड़ के बीच CISF जैसी व्यवस्था जरूरी, हाईटेक सिस्टम की मांग
महाकालेश्वर मंदिर में बरमूडा पहन पहुंचा युवक ! सुरक्षाकर्मियों ने रोका तो हुई ये कार्रवाई ….
उज्जैन लाइव, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया :
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार को मंदिर के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मियों ने 12 से ज्यादा श्रद्धालुओं को रोककर उनके कपड़े उतरवा दिए. दरअसल, इन श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में निक्कर (चड्ढा) पहना था, जिन पर महाकाल लिखा था और त्रिपुंड भी बने थे। इतना ही नहीं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं को इस तरह के कपड़े पहनकर मंदिर में नहीं आने की हिदायत भी दी। वहीं मामले को लेकर मंदिर के पुजारियों ने कहा कि ऐसे कपड़े पहनने से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। साथ ह उन्होंने एक बार फिर मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने की मांग उठाई।
जानकारी क अनुसार, शुक्रवार सुबह भस्म आरती के दौरान कई भक्त महाकाल लिखी निक्कर पहनकर मंदिर पहुंच गए थे। जैसे ही सुरक्षा कर्मी की नजर इन पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत युवक को रोक लिया और इसके बाद उसको बरमूडा उतारने का निर्देश दिया. इस दौरान वहां कई लोग एकत्रित हो गए और नाराजी जताने लगे. जिसके बाद गर्भगृह निरीक्षक उमेश पंड्या और मंदिर समिति की सुरक्षा संभालने वाली KSS के सिक्योरिटी इंचार्ज विष्णु चौहान ने कार्रवाई शुरू की। इस दौरान 12 से ज्यादा ऐसे लोगों को पकड़ा, जो निक्कर पहनकर मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। वहीं, मौके पर ही कुछ लोगों के कपड़े उतरवा दिए।
बता दें की, महाकालेश्वर मंदिर के प्रमुख पुजारी महेश पुजारी ने इस घटना पर गहरी आपत्ति जताई और मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा, “महाकालेश्वर मंदिर में परंपरागत रूप से पुरुषों के लिए धोती चोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनने की प्रथा है. मर्यादित कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश करना सनातन संस्कृति है. भगवान महाकाल राजा हैं और राजा के सामने किसी भी प्रकार के शॉर्ट कपड़े पहनना अनुचित है.”