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तराना में दो दिन हिंसा और तनाव के बाद हालात सामान्य: आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ में बसें-कारें जलीं, 19 गिरफ्तार; पुलिस तैनाती जारी
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में दो दिनों तक चले तनाव और हिंसा के बाद शनिवार सुबह हालात सामान्य होते दिखाई दिए। बाजार खुल गए हैं और प्रशासन के अनुसार फिलहाल किसी भी प्रकार की नई हिंसक घटना सामने नहीं आई है। हालांकि एहतियात के तौर पर क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती अब भी जारी है।
बीते दो दिनों के दौरान तराना में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। उपद्रवियों ने एक दर्जन से अधिक बसों, करीब 9 कारों और कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया। एक बस को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि कई घरों पर पत्थर, हथियार और लाठी-डंडों से हमला किया गया।
प्रशासन के मुताबिक अब तक 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि बीते 12 घंटे से क्षेत्र में कोई भी हिंसक घटना दर्ज नहीं की गई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
भारी पुलिस बल के बावजूद भड़की हिंसा
करीब 25 हजार की आबादी वाले तराना में हिंसा के दौरान 350 से अधिक पुलिस जवान तैनात थे। इसके बावजूद आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं, जिससे प्रशासन और पुलिस की चुनौती और बढ़ गई। स्थिति को काबू में लाने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया और लगातार गश्त की गई।
दो युवकों के विवाद से शुरू हुई पूरी घटना
तराना में भड़की हिंसा की जड़ एक व्यक्तिगत विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे हिंदू और मुस्लिम — दोनों समुदायों के लोग जानते हैं। यह विवाद बजरंग दल के प्रचारक साहिल ठाकुर और काजी चौक निवासी सलमान बेग के बीच था।
बताया जा रहा है कि साहिल ठाकुर लव जिहाद रोकने और गाय संरक्षण से जुड़े कार्यों में सक्रिय था। इसी बात को लेकर सलमान बेग उससे रंजिश रखता था। दोनों के बीच पहले भी कई बार आमना-सामना हुआ, हालांकि उस दौरान कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ था।
गाय के मामले से बढ़ी तनातनी
23 जनवरी की शाम साहिल ठाकुर और उसके भाई रजत ठाकुर को सूचना मिली कि एक गाय के मुंह में डिब्बा फंसा हुआ है। दोनों गाय के मुंह से डिब्बा निकालने पहुंचे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे सलमान बेग ने अपनी गाड़ी रोकी, साहिल को अपशब्द कहे और वहां से चला गया।
श्रीराम मंदिर के पास हुआ हमला
उसी दिन शाम करीब 7 बजे साहिल ठाकुर अपने भाई रजत के साथ श्रीराम मंदिर के पास बैठा हुआ था। तभी सलमान बेग अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। उसके साथ ईशान मिर्जा, सप्पान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, रिजवान मिर्जा और नावेद मौजूद थे। सभी ने मिलकर साहिल पर हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
साहिल के घायल होने की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश फैल गया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग तराना थाने पहुंचे और घेराव किया।
थाने के घेराव के दौरान तोड़फोड़
थाने के बाहर जुटी भीड़ के दौरान बस स्टैंड पर खड़ी करीब एक दर्जन बसों और लगभग 10 कारों के शीशे तोड़ दिए गए। इसके अलावा आधा दर्जन दुकानों और एक क्लिनिक में पथराव कर तोड़फोड़ की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
शुक्रवार रात को भी हिंदूवादी संगठनों ने थाने का घेराव किया। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर स्थिति को संभाला और भीड़ को शांत कराया।
पूर्व पार्षद की दुकान में आग, फिर बस फूंकी गई
शुक्रवार सुबह से तराना में तनाव बना रहा। सभी दुकानें बंद रहीं और लोग अपने घरों में ही रहे। दोपहर करीब 2 बजे तक स्थिति शांत थी, लेकिन इसके बाद हालात फिर बिगड़ गए।
सबसे पहले पूर्व पार्षद आजाद खान की स्क्रैप दुकान में आग लगा दी गई। इसके कुछ समय बाद जुमे की नमाज के बाद महेश नगर में खड़ी एक बस को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे तनाव और भड़क गया।
बस में लगी आग बुझने से पहले तकिया गली में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हथियारों और पत्थरों से करीब एक दर्जन से अधिक घरों और एक मंदिर को निशाना बनाया।
देर रात तक पथराव, फ्लैग मार्च से हालात काबू में
घटनाओं के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देर रात तक महेश मार्केट, मदारवाड़ा और नयापुरा इलाकों से पथराव की सूचनाएं मिलती रहीं। रात के समय एक लकड़ी की टाल में भी आग लगा दी गई।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन और एसपी प्रदीप शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तनावग्रस्त इलाकों में फ्लैग मार्च किया।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। बस जलाने की घटना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। उपद्रव फैलाने के आरोप में 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
फिलहाल शांति, लेकिन सतर्कता बरकरार
प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में तराना में हालात पूरी तरह सामान्य हैं। बाजार खुल चुके हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।