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उज्जैन वेधशाला में खगोलीय शिविर: बच्चों ने टेलिस्कोप से देखा चंद्रमा और ग्रहों का अद्भुत नजारा; 3 से 7 फरवरी तक चलेगा शिविर!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन की शासकीय जीवाजी वेधशाला में बच्चों के लिए एक अनूठा खगोलीय शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें वे अंतरिक्ष के रहस्यों से रूबरू होंगे। 3 से 7 फरवरी तक चलने वाले इस पांच दिवसीय शिविर में बच्चे चंद्रमा की सतह, ग्रहों की स्थिति और आकाशीय पिंडों को टेलिस्कोप की मदद से नजदीक से देख सकेंगे।
इसी कड़ी में आपको बता दें, उज्जैन की ऐतिहासिक शासकीय जीवाजी वेधशाला में सोमवार की शाम कुछ खास रही। पहली बार स्कूली बच्चों को टेलिस्कोप के जरिए चंद्रमा, बृहस्पति, शनि, मंगल और शुक्र का सीधा दर्शन कराया गया। इस अनोखे अनुभव ने बच्चों को रोमांचित कर दिया, क्योंकि जिन आकाशीय पिंडों को वे अब तक सिर्फ किताबों और तस्वीरों में देखते आए थे, उन्हें अब प्रत्यक्ष देखना संभव हुआ।
वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आर.पी. गुप्त के नेतृत्व में 8 इंच के शक्तिशाली टेलिस्कोप से बच्चों को चंद्रमा की सतह पर मौजूद गड्ढों और पहाड़ों का बारीकी से अवलोकन कराया गया। इसके अलावा, बच्चों ने सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति और उसके उपग्रहों, अपनी सुंदर छल्लों से सजे शनि, लाल आभा वाले मंगल और विभिन्न कलाओं में चमकते शुक्र ग्रह को भी देखा।
इस खगोलीय शिविर में स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे थे। कई विद्यार्थियों ने कहा कि यह उनके लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव था। इस मौके पर उन्हें सौर मंडल और खगोलीय घटनाओं से जुड़ी रोचक जानकारियां भी दी गईं।
जानकारी के लिए बता दें, यह अनूठा खगोलीय शिविर 7 फरवरी तक हर दिन शाम 6 से रात 8 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आर.पी. गुप्त ने बताया कि यह शिविर 10 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए खुला है, जिसमें शामिल होने के लिए केवल 20 रुपये शुल्क रखा गया है। यह शिविर बच्चों में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने और खगोल विज्ञान के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।