- उज्जैन महाकाल मंदिर में अलौकिक सुबह: चांदी के पट खुले, भस्म आरती में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म चढ़ी, गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकुंभ जैसा होगा सिंहस्थ 2028, पार्किंग स्थलों का हुआ निरीक्षण: अधिकारियों के जारी किए निर्देश, कहा - घाट तक आसान पहुंच पर जोर
- महाकाल मंदिर पहुंचे मिलिंद सोमन और नितीश राणा: भस्म आरती में हुए शामिल, 2 घंटे नंदी हॉल में किया जाप
- तड़के महाकाल के कान में स्वस्ति वाचन, फिर खुला चांदी का पट! भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में दर्शन
विक्रम विश्वविद्यालय:उज्जैन से भी है वाग्देवी प्रतिमा और सरस्वती कंठाभरण का संबंध
विक्रम विश्वविद्यालय में स्थापित है वाग्देवी की प्रति कृति, पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. वाकणकर का बनाया स्कैच भी उज्जैन के संग्रहालय में संग्रहित राजा भोज (965 ई.-1055 ई.) भारतीय इतिहास के ऐसे विलक्षण शासक हुए, जो शौर्य एवं पराक्रम के साथ ज्ञान, विज्ञान, साहित्य, कला तथा धर्म के ज्ञाता थे। राजा भोज ने मां सरस्वती की आराधना, उनके साधकों की साधना, भारतीय जीवन दर्शन एवं संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए सन् 1034 के आसपास धार और…
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