- भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले उज्जैन में विशेष अनुष्ठान: अंगारेश्वर मंदिर में टीम इंडिया की जीत की प्रार्थना, शाम 7 बजे कोलंबो में हाई-वोल्टेज टक्कर; श्रीलंकाई पिच और मौसम पर सबकी नजर
- महाशिवरात्रि पर उज्जैन उमड़ा आस्था का सैलाब: अब तक 2.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, आज 10 लाख का अनुमान
- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
मीसाबंदी, मैकेनिकल इंजीनियर और विनोबा भावे के साथी को इंदौर प्रशासन ने समझा भिक्षुक, उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में एक माह बिताने के बाद सम्मान सहित परिजनों के पास लौटे 72 वर्षीय देवव्रत चौधरी!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया: इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के अभियान के तहत हुई एक चौंकाने वाली भूल ने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 15 अप्रैल को इंदौर नगर निगम की टीम ने लक्ष्मी मंदिर, राजबाड़ा क्षेत्र से एक 72 वर्षीय वृद्ध को भिक्षावृति करते हुए उठाया और अन्य लोगों के साथ उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेज दिया। लेकिन जब इस वृद्ध की पहचान सामने आई, तो सभी हैरान रह…
और पढ़े..









