- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
- महाकाल के दरबार में बॉलीवुड सितारे: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए दर्शन, नंदी के कान में कही मनोकामना
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के साथ शुरू हुई भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण से साकार हुए महाकाल, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु!
- उज्जैन में महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, गूंजे ‘वीर प्रभु महावीर’ के जयकारे
- शेषनाग मुकुट और मोगरे के फूलों से सजे बाबा, भस्म आरती में दिखा दिव्य और अलौकिक स्वरूप
सोने-चांदी की ज्वेलरी में विराजमान बप्पा: पटनी बाजार गणेश पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, नोट गिनने की मशीन, लैपटॉप और तौल कांटे के साथ व्यापारी स्वरूप में बैठे गणेश!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन का पटनी बाजार इस बार गणेश उत्सव में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां गणेश पंडाल को सोने-चांदी की दुकान का रूप दिया गया है और भगवान गणेश को व्यापारी स्वरूप में विराजमान कराया गया है। भक्तों के सामने यह अद्भुत नज़ारा है, जहां बप्पा लाखों रुपए की ज्वेलरी से अलंकृत होकर बैठें हैं।
एक करोड़ की ज्वेलरी से हुआ पहला श्रृंगार
पंडाल की थीम को मूर्त रूप देने के लिए सराफा यूथ फेडरेशन के लगभग 100 व्यापारियों ने मिलकर योगदान दिया है। रविवार को गणपति का श्रृंगार आरंभ हुआ और पहले ही दिन भगवान को एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के सोने के हार, कड़े, चेन, बाले और अन्य आभूषण अर्पित किए गए। आने वाले दिनों में यह भव्यता और भी बढ़ेगी।
तीन करोड़ से अधिक के आभूषणों से होगा श्रृंगार
फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी के अनुसार, 3 से 5 सितंबर के बीच भगवान गणेश को लगभग 3 करोड़ रुपए की ज्वेलरी से सजाया जाएगा। पिछले वर्ष यहां गणेश जी का 11 लाख रुपए की मुद्रा (नोटों) से श्रृंगार किया गया था, जबकि इस बार भव्य सोने-चांदी के गहनों से श्रृंगार की परंपरा स्थापित की जा रही है।
गणेश पंडाल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भगवान गणेश को व्यापारी स्वरूप में बैठाया गया है। उनके पास नोट गिनने की मशीन, बही-खाता, तौल कांटा, लैपटॉप और कैलकुलेटर रखे गए हैं। आयोजकों का मानना है कि इस स्वरूप से बप्पा भी समझेंगे कि किस तरह व्यापारी वर्ग रोजाना सोने-चांदी के दाम और टैरिफ में उतार-चढ़ाव की चुनौतियों से जूझ रहा है।
दर्शन का समय और सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालु रोजाना शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक बप्पा के अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर सकेंगे। रात में शयन आरती के बाद सभी आभूषण सुरक्षित निकालकर वापस रख दिए जाते हैं। गणेश विसर्जन के बाद आभूषण उनके-उनके स्वामियों को लौटा दिए जाएंगे।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंडाल के आसपास 32 सीसीटीवी कैमरे और अंदर 2 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, दो सशस्त्र सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी करते हैं। आयोजकों ने अतिरिक्त सुरक्षा के लिए पुलिस बल की भी मांग की है।