- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
- महाकाल मंदिर में टीवी अभिनेत्री कनिका मान ने किए दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
महाशिवरात्रि पर महाकाल में आस्था का सैलाब: 2 दिन में 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख की आय; 1.95 करोड़ के 410.6 क्विंटल लड्डू प्रसाद की बिक्री
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी। 15 और 16 फरवरी को देश-विदेश से आए 8 लाख से अधिक भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। मंदिर के पट इस दौरान लगातार 44 घंटे तक खुले रहे, जिससे दर्शन की व्यवस्था निर्बाध चलती रही।
दो दिन में 8 लाख से अधिक दर्शनार्थी
आंकड़ों के अनुसार 15 फरवरी (रविवार) को 5,78,943 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि 16 फरवरी को 2,27,602 भक्त मंदिर पहुंचे। दोनों दिनों को मिलाकर कुल संख्या 8 लाख से अधिक रही।
शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख की आय
दर्शन व्यवस्था के तहत 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट का विकल्प भी उपलब्ध रहा। दो दिनों में कुल 25,000 श्रद्धालुओं ने इसका लाभ लिया।
-
15 फरवरी को 20,700 लोगों ने टिकट लेकर दर्शन किए।
-
16 फरवरी को 4,300 श्रद्धालुओं ने इस सुविधा का उपयोग किया।
इन 25,000 टिकटों से मंदिर समिति को 62,50,000 रुपए की आय प्राप्त हुई।
लड्डू प्रसाद की रिकॉर्ड बिक्री
शिव नवरात्रि पर्व (6 फरवरी से 16 फरवरी) के दौरान मंदिर समिति ने रागी और बेसन के लड्डुओं का प्रसाद उपलब्ध कराया। इस अवधि में कुल 410.6 क्विंटल लड्डू प्रसाद का विक्रय हुआ, जिसकी कुल लागत 1.95 करोड़ रुपए रही।
श्रद्धालु बड़ी मात्रा में प्रसाद अपने साथ लेकर गए। मंदिर में प्राप्त दानराशि की गणना अभी शेष है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर उमड़ी यह आस्था और व्यवस्था दोनों ही दृष्टि से उल्लेखनीय रही, जहां एक ओर लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, वहीं प्रसाद और शीघ्र दर्शन से मंदिर समिति को उल्लेखनीय आय भी प्राप्त हुई।