- ड्यूटी के बाद रंगों में डूबी उज्जैन पुलिस: कलेक्टर-एसपी ने जवानों संग मनाई होली, ढोल-डीजे पर थिरके अफसर और जवान
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती की प्रक्रिया: रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे महाकाल, भोर में उमड़ा आस्था सागर!
- चैत्र मास की पहली जत्रा शुरू, चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
- चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
- भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला – पुजारियों के मानदेय में वृद्धि! अब मध्यप्रदेश में भी उठी मांग, सरकार पर दबाव बढ़ा; पुजारियों ने की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
राजस्थान सरकार ने पुजारियों के मानदेय में बड़ा इज़ाफा करते हुए इसे ₹5000 से बढ़ाकर ₹7500 प्रतिमाह कर दिया है। साथ ही, भगवान की सेवा-पूजा, भोग-प्रसाद, उत्सव और पूजन सामग्री के लिए मिलने वाली राशि ₹1500 से बढ़ाकर ₹3000 कर दी गई है।
अब मध्यप्रदेश में भी गूंज उठी मांग, सरकार पर बढ़ा दबाव!
राजस्थान सरकार के इस फैसले के बाद अब मध्यप्रदेश में भी पुजारियों ने अपनी मांग बुलंद कर दी है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ, उज्जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील की है कि मध्यप्रदेश के पुजारियों को भी सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। महासंघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुजारियों का मानदेय ₹10,000 प्रतिमाह और भगवान की सेवा-पूजा के लिए ₹3000 प्रतिमाह किया जाए।
महासंघ के राष्ट्रीय सचिव रूपेश मेहता ने कहा कि राजस्थान सरकार ने पुजारियों के हित में यह ऐतिहासिक फैसला लिया है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार अब तक इस मुद्दे पर चुप है। पुजारियों और धार्मिक संगठनों ने इस पर जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने कहा कि यह मांग सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अन्य राज्यों को भी पुजारियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिए इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।