- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
क्यों डूबता है हर बारिश में उज्जैन
नई सड़क से लेकर बेगमबाग रोड होकर रुद्रसागर तक जाने वाले नाले का आखिरी 50 फीट का मुहाना सकरा होने के कारण करीब 50 हजार रहवासियों के माथे पर बारिश आते ही मुसीबत सवार हो जाती है। जरा तेज बारिश हो जाए तो इन्हें बचाव के इंतजाम में जुटना पड़ता है। रात में बारिश हो तो घरों में जागरण, सुबह सबसे पहले दुकान से पानी निकालने की मशक्कत। ये हालात कोई ताजे नहीं हैं। सालों…
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