- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
- महाशिवरात्रि पर महाकाल में आस्था का सैलाब: 2 दिन में 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख की आय; 1.95 करोड़ के 410.6 क्विंटल लड्डू प्रसाद की बिक्री
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, सभा मंडप से गर्भगृह तक गूंजा “जय श्री महाकाल”: स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट, पंचामृत अभिषेक और भव्य श्रृंगार के साथ हुए दिव्य दर्शन!
- महाशिवरात्रि पर महाकाल को अर्पित हुआ पुष्प सेहरा, दोपहर में हुई विशेष भस्म आरती; चार प्रहर पूजन के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत: महाशिवरात्रि से 19 मार्च तक चलेगा सांस्कृतिक महापर्व, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया उद्घाटन; ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या से सजी पहली शाम
चातुर्मास का आरंभ 6 जुलाई से, विशाखा नक्षत्र में होगा शुरू; चार महीनों तक नहीं होंगे विवाह और मांगलिक कार्य!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी से चातुर्मास का शुभारंभ इस वर्ष 6 जुलाई रविवार को विशाखा नक्षत्र में हो रहा है। चार महीनों तक चलने वाला यह विशेष काल हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। चातुर्मास का अर्थ ही होता है – चार महीने का विशेष संयम और साधना का काल। ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बावाला बताते हैं कि यह समय विवाह, यज्ञोपवित (जनेऊ संस्कार) और मुंडन…
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