- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
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सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा – “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर निगम के सभाकक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ महापर्व विश्व स्तर पर अद्वितीय आयोजन है और इस दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे, इसलिए तैयारियों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
“जो काम नहीं कर पा रहे, वे बताएं”
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी अधिकारी को लगता है कि वे निर्धारित दायित्वों का निर्वहन प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रहे हैं, तो वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दें, ताकि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों की पदस्थापना की जा सके। उन्होंने अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा और संजय दुबे को निर्देश दिए कि सिंहस्थ से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर बाधा नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री निवास पर सिंहस्थ सेल गठित कर कार्यों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहां तत्काल पदस्थापना की जाए।
समय-सीमा और गुणवत्ता पर विशेष जोर
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। सिंहस्थ 2028 के लिए अब “रिवर्स कैलेंडर” तैयार कर निर्माण कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय माइक्रो मैनेजमेंट से आगे बढ़कर नैनो मैनेजमेंट की दिशा में कार्य करने का है। तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू की जाएं और सभी अधिकारी 24 घंटे, सातों दिन सक्रिय रहकर जिम्मेदारी निभाएं।
मुख्यमंत्री ने उज्जैनवासियों से भी सेवा भाव के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि सिंहस्थ 2028 का आयोजन उसका व्यक्तिगत दायित्व है। इसके लिए प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
भीड़ प्रबंधन और आधारभूत संरचना पर फोकस
बैठक में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए:
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होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल और कॉलेजों में व्यवस्थाओं के लिए आधारभूत संरचना तैयार करने की कार्ययोजना बनाई जाए।
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उज्जैन से जुड़े आसपास के गांवों में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए।
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मेला क्षेत्र के भीतर और बाहर की व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग रूपरेखा तैयार की जाए।
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मेला क्षेत्र से बाहर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए सभी स्थानों की मैपिंग की जाए।
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महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी और अन्य पर्वों के दौरान व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से लागू कर अनुभव के आधार पर सिंहस्थ 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की जाए।
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उज्जैन से जुड़े अन्य जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर उनका उन्नयन किया जाए और उन्हें गूगल मैपिंग से जोड़ा जाए।
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महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान की जाए, ताकि भीड़ प्रबंधन सुगम हो सके।
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श्री मंगलनाथ और श्री भूखीमाता रामघाट क्षेत्र के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उनका उन्नयन किया जाए।
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मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक-सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज और धर्मशालाएं बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाए।
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जो निर्माण एजेंसियां समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप विशेष व्यवस्था प्रदान की जाए।
ये रहे बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि व अधिकारी
बैठक में प्रभारी मंत्री उज्जैन गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, जितेंद्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।