- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
- महाकाल के दरबार में बॉलीवुड सितारे: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए दर्शन, नंदी के कान में कही मनोकामना
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के साथ शुरू हुई भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण से साकार हुए महाकाल, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु!
- उज्जैन में महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, गूंजे ‘वीर प्रभु महावीर’ के जयकारे
- शेषनाग मुकुट और मोगरे के फूलों से सजे बाबा, भस्म आरती में दिखा दिव्य और अलौकिक स्वरूप
उज्जैन में ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कलेक्टर ऑफिस का किया घेराव; “जनता के साथ धोखा कर रही सरकार” – महेश परमार!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर सियासत गर्माती जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को उज्जैन में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आव्हान पर कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता
प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न मोर्चों और संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। शहर कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस, सेवा दल, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई सहित सभी पार्षद, ब्लॉक अध्यक्ष, आईटी सेल, मंडलम और सेक्टर स्तर तक के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सैकड़ों की संख्या में मौजूद रहे। भीड़ कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट तक पहुंची और गेट को जबरन खुलवाकर अंदर प्रवेश करते हुए नारेबाजी की।
महेश परमार और मुकेश भाटी के नेतृत्व में प्रदर्शन
आंदोलन का नेतृत्व विधायक एवं ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेश परमार और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने किया। कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे दोनों नेताओं ने आरक्षण लागू करने में हो रही देरी को लेकर प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोला। इस दौरान प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।
“जनता के साथ धोखा कर रही सरकार” – महेश परमार
विधायक महेश परमार ने मीडिया से चर्चा में कहा कि विधानसभा में यह कानून पारित हो चुका है कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन सरकार इस पर अमल नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता को गुमराह कर रही है और जानबूझकर विसंगतियां पैदा की जा रही हैं। कांग्रेस की मांग है कि बिना देरी किए ओबीसी वर्ग को प्रभावी तरीके से 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
आरक्षण की बहस से तेज हुई सियासत
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। कांग्रेस लगातार सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि कानूनी पेचीदगियों के कारण देरी हो रही है। कांग्रेस का यह प्रदर्शन आने वाले समय में इस मुद्दे को और गरमाने वाला माना जा रहा है।