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कार्तिक माह की पहली सवारी आज, राजसी ठाट-बाट के साथ शाम 4 बजे नगर भ्रमण पर निकलेंगे बाबा महाकाल
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन एक धार्मिक स्थल है, जहाँ बाबा महाकाल को नगर का राजा माना जाता है। भगवान महाकाल, जो नगर के शासक हैं, हर पर्व-त्योहार पर नगर भ्रमण करते हैं। इस क्रम में श्रावण-भादौ और दशहरा के बाद, भगवान महाकाल कार्तिक और अगहन मास में भी भक्तों को दर्शन देने के लिए भव्य सवारी पर निकलेंगे।
कार्तिक और अगहन मास में भी दो-दो सवारी निकाली जाएंगी। बता दें, कार्तिक मास की पहली सवारी 4 नवंबर को, यानी आज शाम 4 बजे, श्री महाकालेश्वर मंदिर से प्रारंभ होगी। जो गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां भगवान श्री महाकालेश्वर का मां शिप्रा के जल से पूजन और अभिषेक किया जाएगा। वापसी के समय, सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी चौराहा होते हुए महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी।
वहीं, दूसरी सवारी 11 नवंबर, सोमवार को निकलेगी। ऐसे ही अगहन मास की पहली सवारी और क्रम अनुसार तीसरी सवारी 18 नवंबर को निकलेगी, जबकि आखिरी सवारी 25 नवंबर को धूमधाम से निकाली जाएगी। बता दें, कार्तिक-अगहन मास में प्रत्येक सोमवार को मंदिर के आंगन से भगवान महाकाल की चार सवारी निकलती हैं। एक विशेष सवारी दीपावली के बाद वैकुंठ चतुर्दशी पर भी निकाली जाएगी।