- महाकाल मंदिर की सुरक्षा पर संसद में उठी आवाज: राज्यसभा सांसद बोले- बढ़ती भीड़ के बीच CISF जैसी व्यवस्था जरूरी, हाईटेक सिस्टम की मांग
- उज्जैन में उत्सव जैसा माहौल: CM मोहन यादव के जन्मदिन पर पूजा-अनुष्ठान, समर्थकों ने शहर को होर्डिंग से सजाया
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: भांग-चंदन से सजा राजा स्वरूप, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
- महाकाल की शरण में अभिनेत्री सिमरत कौर: उज्जैन पहुंचकर किए बाबा महाकाल के दर्शन, मंदिर समिति ने प्रसाद व स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मान
- महाकालेश्वर मंदिर में अलसुबह विशेष पूजन: पंचामृत अभिषेक, भस्म अर्पण के बाद भक्तों को मिले दिव्य दर्शन; चंदन-तिलक और आभूषणों से हुआ श्रृंगार!
महाकाल से मिथिला तक: CM यादव ने भगवा ध्वज दिखाकर 1,11,111 लड्डू प्रसाद नेपाल के लिए किया रवाना!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
गुरुवार दोपहर, एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री महामृत्यूंजय द्वार के पास श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह लड्डू प्रसाद ले जाने वाले वाहन को भगवा ध्वज दिखाकर रवाना किया। बता दें, ये प्रसाद श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव के लिए मिथिला नेपाल में वितरित किए जाएंगे, और इसे अयोध्या श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा भेजा गया है।
वाहन को रवाना करने से पहले कार्यक्रम की शुरुआत डमरू की ध्वनि, शंखनाद और वेद की ऋचाओं के साथ हुई, जो वातावरण को एक आध्यात्मिक ऊंचाई पर ले गया। बता दें, भगवान महाकाल का प्रसाद 26 नवंबर को अयोध्या से राम बारात के साथ जनकपुर, नेपाल तक पहुंचेगा। राम बारात बिहार से होती हुई 3 दिसंबर को जनकपुर पहुंचेगी, जहां 9 दिसंबर को भगवान श्री राम और माता सीता के विवाह महोत्सव में यह प्रसाद भक्तों में बांटा जाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “धार्मिक आयोजन हो, तो हम कैसे पीछे रहें, महाकाल के प्रांगण से 1 लाख 11 हजार 111 लड्डू पहुंचाए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध सदियों पुराने हैं। यह प्रसाद बांटना भारत-नेपाल के रिश्तों को और भी मजबूत करेगा। बता दें, यह कदम न सिर्फ धार्मिक परंपराओं का पालन है, बल्कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक एकता और भाईचारे की नई मिसाल भी पेश करता है।