- ड्यूटी के बाद रंगों में डूबी उज्जैन पुलिस: कलेक्टर-एसपी ने जवानों संग मनाई होली, ढोल-डीजे पर थिरके अफसर और जवान
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती की प्रक्रिया: रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे महाकाल, भोर में उमड़ा आस्था सागर!
- चैत्र मास की पहली जत्रा शुरू, चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
- चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
- भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
उज्जैन में आज से वैचारिक समागम शुरू, CM मोहन यादव करेंगे उद्घाटन; विक्रमादित्य कालीन न्याय व्यवस्था, संविधान जैसे विषयों पर होगा मंथन
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज उज्जैन दौरे पर हैं। वे आज शाम 6 बजे वैचारिक समागम का उद्घाटन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में विक्रमोत्सव 2025 के तहत 1 से 3 मार्च तक एक महत्वपूर्ण वैचारिक समागम का आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम पं. सूर्यनारायण व्यास संकुल, कालिदास अकादमी में होगा, जिसका उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत शनिवार शाम 6 बजे करेंगे।
तीन दिवसीय इस समागम में विक्रमादित्य कालीन न्याय व्यवस्था, राजधर्म, दंड विधान और संविधान की प्रासंगिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही, प्राचीन भारतीय न्याय प्रणाली के स्रोत और उनके सामाजिक प्रभावों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा, क्या प्राचीन न्याय प्रणाली आज के समय में प्रासंगिक है? इस महत्वपूर्ण सवाल पर विधि विशेषज्ञ, न्यायाधीश और विद्वान गहन मंथन करेंगे।
महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला अभिभाषक संघ, विक्रम विश्वविद्यालय, विधि महाविद्यालय, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, प्रेस काउंसिल और उज्जैन के विभिन्न संगठन सहयोगी के रूप में शामिल हैं।