- उज्जैन महाकाल मंदिर में अलौकिक सुबह: चांदी के पट खुले, भस्म आरती में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म चढ़ी, गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकुंभ जैसा होगा सिंहस्थ 2028, पार्किंग स्थलों का हुआ निरीक्षण: अधिकारियों के जारी किए निर्देश, कहा - घाट तक आसान पहुंच पर जोर
- महाकाल मंदिर पहुंचे मिलिंद सोमन और नितीश राणा: भस्म आरती में हुए शामिल, 2 घंटे नंदी हॉल में किया जाप
- तड़के महाकाल के कान में स्वस्ति वाचन, फिर खुला चांदी का पट! भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में दर्शन
कार्तिक – अगहन माह की दूसरी सवारी आज, मनमहेश स्वरूप में भगवान महाकाल प्रजा को देंगे दर्शन
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
कार्तिक और अगहन महीने में बाबा महाकाल की दूसरी सवारी आज, 11 नवंबर, सोमवार को शाम 4 बजे राजसी ठाट-बाट के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलेगी। बाबा महाकाल आज मनमहेश स्वरूप में पालकी में सवार होकर प्रजा का हाल जानने के लिए निकलेंगे।
आपको बता दें, शाम 4 बजे सवारी निकलने से पूर्व सभामंडप में भगवान का पूजन होगा। इसके बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर से सवारी प्रारंभ होगी, जो गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंचेगी। यहाँ शिप्रा के जल से भगवान का पूजन-अर्चन होगा। इसके बाद सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार, महाकाल घाटी होते हुए पुन: महाकाल मंदिर पहुंचेगी।
वहीं, 14 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी के खास मौके पर बाबा महाकाल की रात में एक विशेष सवारी निकलेगी। इस मौके पर बाबा महाकाल गोपाल मंदिर जाकर श्री हरि से मिलेंगे और वहाँ हरि-हर मिलन होगा।