- ड्यूटी के बाद रंगों में डूबी उज्जैन पुलिस: कलेक्टर-एसपी ने जवानों संग मनाई होली, ढोल-डीजे पर थिरके अफसर और जवान
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती की प्रक्रिया: रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे महाकाल, भोर में उमड़ा आस्था सागर!
- चैत्र मास की पहली जत्रा शुरू, चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
- चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
- भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
Mahakal Temple: अवैध वसूली के मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, एक आरोपी निकला HIV पीड़ित; सालों से मंदिर में कर रहा था काम …
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
महाकाल मंदिर से जुड़ी एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार हुए 10 आरोपियों में एक ऐसा नाम सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। जी हां, एक आरोपी एड्स पीड़ित निकला!
जेल प्रशासन ने जब इस आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया, तो रिपोर्ट आई और उसने सभी को चौंका दिया क्योंकि इस आरोपी में HIV संक्रमण था। अब सवाल उठता है कि एक HIV पीड़ित व्यक्ति महाकाल मंदिर में सालों तक काम कैसे करता रहा? वो बिना किसी मेडिकल जांच के।
आपको जानकर हैरानी होगी कि महाकाल मंदिर में काम करने वाले कुल 306 कर्मचारियों की कभी कोई मेडिकल जांच नहीं की गई। और ये मामला भी इस जांच की कमी का नतीजा है।
जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि जेल में सभी आरोपियों की जरूरी जांच की जाती है, लेकिन ये जांच पुलिस की ओर से भेजी जाती है। ताकि अगर किसी को गंभीर बीमारी हो तो उसका सही इलाज किया जा सके। इसी जांच के दौरान पता चला कि मंदिर मामले में पकड़े गए 10 कर्मचारियों में से एक HIV पीड़ित है। अब इस आरोपी को जेल के अलग बैरक में रखा गया है, ताकि उसे विशेष निगरानी और इलाज मिल सके।
जानकारी के लिए बता दें, दर्शन के नाम पर अवैध वसूली के मामले में अब तक 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जिसमें मंदिर के कर्मचारी सहित मीडियाकर्मी और ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना किसी मेडिकल जांच के, ये आरोपी इतने सालों तक मंदिर में कैसे काम कर रहा था?
यह घटना न केवल महाकाल मंदिर की सुरक्षा और प्रशासन पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कितनी बड़ी लापरवाही के चलते हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।