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उज्जैन के इंगोरिया में बड़ा हादसा: खेल-खेल में मासूम ने घुमाई चाबी, ट्रैक्टर अचानक स्टार्ट होकर नदी में समाया—मची अफरातफरी; दो बच्चों की मौत, एक लापता!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के इंगोरिया इलाके में गुरुवार को विजयादशमी पर बड़ा हादसा हो गया। देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रही श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलिंग तोड़कर चंबल नदी में गिर गई। इस हादसे में 12 बच्चे पानी में डूब गए। राहत की बात यह रही कि 11 बच्चों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक बच्चा अब भी लापता है।
अस्पताल में दो बच्चों की मौत
बचाए गए बच्चों में से चार को गंभीर हालत में गौतमपुरा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 16 वर्षीय पृथ्वी राज और 8 साल के वंश ने दम तोड़ दिया। वहीं 10 साल का अमीश और 6 साल का अंश को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।
हादसा कैसे हुआ
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विसर्जन के बाद सभी बच्चे नदी से ऊपर आ रहे थे। छोटे बच्चों को ट्रॉली में बैठा दिया गया था। इसी बीच किसी बच्चे ने खेल-खेल में ट्रैक्टर में लगी चाबी घुमा दी। ट्रैक्टर अचानक स्टार्ट होकर आगे बढ़ा और पुल की रेलिंग तोड़कर नदी में जा गिरा। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही पूरी ट्रॉली नदी में डूब चुकी थी।
रेस्क्यू अभियान जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीईआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला। क्रेन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली को नदी से बाहर निकाला गया। वहीं, लापता बच्चे शुभम चौहान (12) की तलाश अभी जारी है। शुभम के पिता मोहन चौहान ने रोते हुए बताया कि “हम माता जी का विसर्जन करने आए थे। बच्चों को ट्रॉली पर बैठने भेजा था, तभी यह हादसा हो गया। मेरा बेटा अब तक नहीं मिला है।”
नेताओं ने जताया दुख, मुआवजे की मांग
हादसे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। पूर्व कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल ने मुख्यमंत्री से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार अनुसूचित जाति वर्ग से हैं और उन्हें तत्काल मदद मिलनी चाहिए।
वहीं बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या ने बताया कि प्रशासन और डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद है। दो बच्चों को इंदौर रेफर किया गया है और एक बच्चे की तलाश जारी है।
घटना का वीडियो आया सामने
हादसे से कुछ मिनट पहले का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें बच्चे ढोल-नगाड़ों के साथ देवी प्रतिमा को नदी तक ले जाते, विसर्जन करते और नहाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी उत्साह के बीच चंद लापरवाही ने मासूमों की जान ले ली।