- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजा ‘जय श्री महाकाल’: वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट, भस्म आरती में दिव्य रूप में हुए बाबा के दर्शन
- सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का संत करेंगे निरीक्षण: स्वामी माधवाचार्य डाकोर के नेतृत्व में दोपहर 2 बजे उज्जैन पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल, अखाड़ों और श्रद्धालु सुविधाओं का होगा जायजा
- रजत चंद्र, भांग-चंदन और पुष्पों से सजे बाबा महाकाल: भस्म अर्पण के बाद मिले दिव्य दर्शन, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
- 50 फीट गहरे कुएं में गिरी गर्भवती गाय: 2 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला, ग्राम जैथल टैक की घटना; पुलिस-ग्रामीणों ने मिलकर बचाया
उज्जैन में टेक्नोलॉजी का चमत्कार! थ्री-डी प्रिंटिंग से बनी मध्यप्रदेश की पहली इको-फ्रेंडली बिल्डिंग,150 साल की गारंटी; गर्मी हो या सर्दी, बिल्डिंग रखेगी तापमान संतुलित
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में तकनीक और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिला है! थ्री-डी प्रिंटिंग तकनीक से बनी मध्यप्रदेश की पहली बिल्डिंग अब पूरी तरह से तैयार हो गई है। यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है, जिसे जल संसाधन विभाग के लिए तैयार किया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह भूकंप रोधी, मौसम के अनुरूप तापमान नियंत्रित, और इको-फ्रेंडली है, जो इसे भविष्य की बिल्डिंग का एक नया मॉडल बनाता है।
भूकंप-रोधी, मौसम के अनुकूल और 150 साल की मियाद!
इस आधुनिक बिल्डिंग को अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने वाली कंपनी एलएनटी (L&T) ने तैयार किया है। इसमें सीमेंट और केमिकल की लेयर्स का इस्तेमाल हुआ है, जिससे यह इमारत सामान्य कंक्रीट की तुलना में तीन गुना अधिक मजबूत होगी। जहां एक आम इमारत की मियाद 50 साल होती है, वहीं यह 150 साल तक मजबूती से खड़ी रहेगी।
गर्मी हो या सर्दी, बिल्डिंग रखेगी तापमान संतुलित
इस थ्री-डी प्रिंटेड इमारत की एक खासियत यह भी है कि यह भीषण गर्मी में भी अंदर का तापमान नियंत्रित रखती है, जिससे यह ऊर्जा की खपत को कम करती है और पर्यावरण के अनुकूल बनी रहती है।
देश में दूसरी, मप्र में पहली थ्री-डी प्रिंटेड बिल्डिंग
भारत में इससे पहले केरल में ‘अमेज-28’ नाम की पहली थ्री-डी प्रिंटेड बिल्डिंग बनी थी, जो 380 वर्गफीट में फैली थी। उज्जैन की यह इमारत मध्यप्रदेश की पहली और देश की दूसरी थ्री-डी प्रिंटेड बिल्डिंग बन चुकी है।