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उज्जैन में मानसून सक्रिय, जिले में 24 घंटे में औसत 8.5 मिमी बारिश: यशवंत सागर डेम के गेट खुले, गंभीर डेम में पानी ही पानी!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्य प्रदेश में सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर उज्जैन जिले में भी देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जिले में बीते 24 घंटों के दौरान औसतन 8.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं, बारिश का असर इतना तेज रहा कि यशवंत सागर डेम के गेट खोलने पड़े, जिससे गंभीर डेम समेत अन्य जल स्रोत लबालब हो गए हैं।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई
बारिश के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, नागदा तहसील में सबसे ज्यादा 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा घट्टिया तहसील में 6 मिमी, खाचरौद में 8 मिमी, बड़नगर में 14 मिमी, महिदपुर में 4 मिमी, झार्डा में 8 मिमी और माकड़ौन तहसील में 6 मिमी बारिश हुई।
इस प्रकार जिले में औसत 8.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
अब तक का मानसून रिकॉर्ड
कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजूदा मानसून सत्र में जिले में अब तक औसतन 581.5 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में जिले में औसतन 615.8 मिमी वर्षा हुई थी।
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उज्जैन तहसील: 609 मिमी
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घट्टिया: 421.5 मिमी
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खाचरौद: 667 मिमी
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नागदा: 654.6 मिमी
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बड़नगर: 528 मिमी
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महिदपुर: 515 मिमी
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झार्डा: 666.4 मिमी
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तराना: 775.6 मिमी
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माकड़ौन: 396 मिमी
पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश कुछ क्षेत्रों में कम, तो कुछ जगहों पर ज्यादा दर्ज की गई है।
यशवंत सागर डेम के गेट खोले, गंभीर डेम में जलभराव
लगातार हो रही बारिश के चलते यशवंत सागर डेम का जलस्तर बढ़ गया है। सुरक्षा कारणों से डेम प्रबंधन ने गेट खोलकर पानी छोड़ा। इसका असर गंभीर डेम में साफ दिखा, जहां चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। शहरवासियों और ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति की दृष्टि से यह बारिश बेहद राहत लेकर आई है।
प्रदेश में 22% अधिक बारिश, आगे भी अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष प्रदेश में अब तक औसत से 22% अधिक बारिश हो चुकी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 22% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 21% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
उज्जैन सहित आसपास के जिलों में अगले 48 घंटे तक रुक-रुक कर तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने निचले इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।