- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
उज्जैन में श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधा! जल्द बनकर तैयार होगा रुद्रसागर पैदल पुल, भक्तों को महाकाल लोक और मानसरोवर द्वार तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी; लागत 25.22 करोड़ रुपए …
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहतरीन सुविधा का आगमन होने वाला है – रुद्रसागर पैदल पुल। महाशिवरात्रि 26 फरवरी को इस पुल का उद्घाटन होने की संभावना है, जो श्रद्धालुओं को महाकाल लोक और मानसरोवर द्वार तक पहुँचने का सीधा मार्ग प्रदान करेगा।
यह पैदल पुल, जो उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे है, महाकालेश्वर मंदिर से शक्ति पथ को जोड़ने का काम करेगा। इसके बाद श्रद्धालु हरसिद्धि माता मंदिर से होते हुए बड़ा गणेश मंदिर तक जाने की बजाय सीधे महाकाल लोक में पहुंच सकेंगे, जिससे यात्रा और भी सुविधाजनक होगी। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं को त्रिवेणी संग्रहालय से महाकाल लोक और मानसरोवर द्वार तक पहुँचने में जो कठिनाइयाँ होती थीं, वह भी खत्म हो जाएंगी।
इस पुल के निर्माण में 25.22 करोड़ रुपये की लागत आई है और इसकी लंबाई 200 मीटर और चौड़ाई 6 मीटर होगी। यह पुल न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए एक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, बल्कि रुद्रसागर में लाइट एंड साउंड शो का भी अद्भुत अनुभव दिलाएगा। इस शो का आनंद एक बार में 500 श्रद्धालु ले सकेंगे और यह दो जगहों पर होगा – महाकाल लोक के पिनाकी द्वार के पास ओपन ऑडिटोरियम और लोटस फाउंटेन में।
नया पैदल पुल रुद्रसागर के पोस्ट और फसाड को श्री महाकाल महालोक की थीम पर आधारित किया जाएगा, जिससे यह पुल न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक मार्ग बनेगा, बल्कि एक सुंदर आकर्षण स्थल भी बनेगा। इसके बाद श्रद्धालु जल्दी और आसानी से दर्शन करने के लिए मानसरोवर द्वार तक पहुँच सकेंगे, और यात्रा का अनुभव और भी सहज हो जाएगा।