- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: उजरखेड़ा-मोहनपुरा रोड पर हाईटेक मशीन से बन रही सीसी सड़क, कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
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सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: उजरखेड़ा-मोहनपुरा रोड पर हाईटेक मशीन से बन रही सीसी सड़क, कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सड़क, यातायात और सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसी क्रम में उजरखेड़ा से मोहनपुरा तक निर्माणाधीन सीमेंट कांक्रीट (सीसी) सड़क का काम आधुनिक तकनीक के जरिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।
हाईटेक PQC पेवर मशीन से हो रहा निर्माण
इस सड़क निर्माण में पीक्यूसी (Pavement Quality Concrete) पेवर मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जो आधुनिक सड़क निर्माण की उन्नत तकनीकों में शामिल है।
निर्माण एजेंसी के अनुसार, इस मशीन के उपयोग से सड़क की सतह एक समान और संतुलित रहती है, जिससे लेवल में गड़बड़ी की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। साथ ही सड़क की मजबूती और टिकाऊपन भी बढ़ता है।
कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
निर्माण कार्य की प्रगति का आकलन करने के लिए कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मशीन के जरिए हो रहे कार्य को देखा और संबंधित अधिकारियों से तकनीकी जानकारी ली।
इस दौरान निर्माण एजेंसी ने बताया कि पारंपरिक तरीकों की तुलना में यह तकनीक न केवल गुणवत्ता बेहतर करती है, बल्कि काम को निर्धारित समय से पहले पूरा करने में भी मददगार है।
कैसे काम करती है यह मशीन
पीक्यूसी पेवर मशीन कांक्रीट को समान रूप से फैलाने और उसे दबाने (कम्पैक्शन) का काम करती है। इसके वाइब्रेशन सिस्टम की वजह से कांक्रीट के अंदर हवा के बुलबुले कम रह जाते हैं, जिससे सड़क का घनत्व बढ़ता है और उसकी संरचना अधिक मजबूत बनती है।
मशीन में लगे सेंसर लगातार लेवल और ग्रेड को मॉनिटर करते रहते हैं, जिससे पूरी सतह स्मूद और समतल तैयार होती है। यही वजह है कि इस तकनीक से बनी सड़क पर सफर ज्यादा आरामदायक होता है।
कम समय, ज्यादा गुणवत्ता—डबल फायदा
इस मशीन का एक बड़ा फायदा इसकी कार्य गति है। बड़े क्षेत्र में कम समय में कांक्रीट बिछाने की क्षमता होने के कारण प्रोजेक्ट समयसीमा के भीतर या उससे पहले पूरे किए जा सकते हैं।
साथ ही पूरी प्रक्रिया मशीनीकृत होने से मैन्युअल लेबर पर निर्भरता कम होती है, जिससे श्रम लागत में भी कमी आती है।
मुख्यमंत्री के निर्देश: गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सिंहस्थ 2028 को विश्वस्तरीय आयोजन बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य तेजी से, लेकिन गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा है कि महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे, ऐसे में हर व्यवस्था आमजन की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए।
यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए सड़क कनेक्टिविटी मजबूत
प्रशासन द्वारा सिंहस्थ के मद्देनजर शहर में सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, ताकि यातायात सुचारू रहे और भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।
उजरखेड़ा-मोहनपुरा मार्ग का निर्माण भी इसी व्यापक योजना का हिस्सा है, जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन को सरल और सुरक्षित बनाया जा सके।