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एशिया कप भारत-पाकिस्तान मैच का उज्जैन में विरोध, कांग्रेस ने निकाला मार्च और किया पुतला दहन
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए क्रिकेट मैच को लेकर पूरे देश में गहरे असंतोष का माहौल देखा गया। इसी कड़ी में उज्जैन में कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार रात कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने टॉवर चौक से शहीद पार्क तक पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, शहीदों को श्रद्धांजलि दी और अंत में पाकिस्तान का पुतला दहन किया।
शहीदों का अपमान बताते हुए विरोध
कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश परमार ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री ने खुद पाकिस्तान से सभी संबंध तोड़ने और यहां तक कि पाकिस्तान की ओर जाने वाला पानी रोकने की बात कही थी। ऐसे में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना शहीदों के बलिदान का अपमान है। परमार ने कहा कि शहीदों की पत्नियों और परिवारजनों ने भी इस मैच का विरोध किया है, लेकिन सरकार ने उनकी भावनाओं को नजरअंदाज कर खेल को मंजूरी दी।
“आतंक और व्यापार साथ नहीं चल सकते”
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने प्रधानमंत्री के पुराने बयान को याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “आतंक और व्यापार साथ नहीं चल सकते”। भाटी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपने ही बयान से पलटते हुए पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने की अनुमति देकर शहीदों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में शहीद हुए जवानों की पत्नियों और 26 महिलाओं की विधवा होने की पीड़ा को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल
प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष रवि राय, धीरज यादव, अरुण रोचवाणी, सुरेन्द्र मरमट, बबलू खींची, दीपेश जैन, चंदू यादव, देवेंद्र पाटनी, असलम लाला, सतीश मरमट, लोकेंद्र सिंह, अभीषेक शर्मा सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने शहीद पार्क पर मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और पाकिस्तान का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
उज्जैनवासियों में भी दिखा आक्रोश
मैच के दिन आमतौर पर शहर में एशिया कप के दौरान LED स्क्रीन पर प्रसारण और सड़कों पर जश्न का नजारा देखने को मिलता है, लेकिन इस बार माहौल पूरी तरह अलग था। उज्जैन में कई चौराहों पर न तो एलईडी लगी और न ही लोगों ने जीत का जश्न मनाया। इसके उलट शहीदों की याद में सन्नाटा पसरा रहा और लोगों ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के साथ मैच खेले जाने को लेकर नाराजगी जाहिर की।
कांग्रेस का ऐलान – आंदोलन जारी रहेगा
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान से क्रिकेट और अन्य संबंध पूरी तरह समाप्त नहीं किए जाते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी का कहना है कि उज्जैन सिंहस्थ की नगरी है, यहां से सरकार को सख्त संदेश दिया जाएगा कि देश की जनता शहीदों के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी।