- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
महाकाल की शरण में पहुंचे पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ, भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का लिया आशीर्वाद; करीब दो घंटे नंदी हाल में बैठकर लगाया ध्यान
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर, आस्था और आध्यात्मिकता का अनुपम केंद्र है। यह पवित्र स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध है। मध्य प्रदेश की पवित्र धरती पर स्थित यह मंदिर हर दिन लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती, जो हर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में आयोजित होती है, अपने आप में एक अलौकिक और दिव्य अनुभव है। यह आरती न केवल महाकाल के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा का ऐसा अभिन्न हिस्सा है, जो देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।
इसी कड़ी में आपको बता दें कि पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यहाँ उन्होंने भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर उनकी विशेष पूजा-अर्चना की। करीब दो घंटे तक नंदी हाल में बैठकर बाबा महाकाल के आशीर्वाद प्राप्त करते हुए दिलजीत ने गहरी आस्था का परिचय दिया। इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल को जल चढ़ाया और मंदिर की देहरी से आशीर्वाद लिया। वहीं, मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ ने दिलजीत का स्वागत करते हुए उन्हें भगवान महाकाल की तस्वीर और लड्डू प्रसाद भेंट की। इस मौके पर दिलजीत ने भावुक होकर कहा, “महाकाल ही सब कुछ हैं। मेरे पास और शब्द नहीं हैं कुछ कहने को।”