- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती सम्पन्न: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधि-विधान से हुआ पूजन, राजा स्वरूप में बाबा महाकाल दिए दर्शन!
- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
- भारतीय टीम के खिलाड़ी नितेश कुमार रेड्डी पहुंचे महाकाल मंदिर, भस्म आरती में हुए शामिल!
टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज़ शिखर धवन ने किए महाकाल के दर्शन, बोले – “यहां आकर अद्भुत शक्ति का अनुभव होता है”
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
रविवार सुबह उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक खास नज़ारा देखने को मिला। टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर शिखर धवन बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर भगवान शिव की भक्ति में पूरी तरह लीन हो गए।
नंदी हॉल में बैठकर धवन ने पूरे श्रद्धा भाव से आरती और पूजा-अर्चना की। आरती के दौरान उन्होंने आंखें बंद कर ध्यान लगाया और हाथ जोड़कर भगवान महाकाल से आशीर्वाद मांगा। आरती समाप्त होने के बाद उन्होंने कहा –
“महाकाल के दरबार में आकर जो शक्ति और शांति महसूस होती है, वह शब्दों में बयान नहीं की जा सकती। यहां आकर आत्मा को सुकून और ऊर्जा दोनों मिलते हैं।”
दूसरी बार पहुंचे बाबा के दरबार में
दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए शिखर धवन ने बताया कि यह उनका दूसरा दौरा है। उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन का आध्यात्मिक माहौल हर व्यक्ति को अपनी ओर खींच लेता है।
“यहां आकर हर कोई भक्ति में खो जाता है। मुझे लगता है कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद हमेशा हमारे जीवन में बना रहना चाहिए,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।
मंदिर समिति ने किया सम्मान
दर्शन-पूजन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने शिखर धवन का स्वागत किया। उन्हें भगवान महाकाल का दुपट्टा, प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
धवन ने कहा कि भस्म आरती का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। मंदिर के पारंपरिक ढोल-शंख की गूंज और रुद्राभिषेक के मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने कुछ देर ध्यान भी लगाया। उन्होंने बताया कि जब भी मौका मिलेगा, वे फिर से महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आएंगे।