- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
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उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित मोनी तीर्थ आश्रम में मंगलवार रात धार्मिक आस्था और डिजिटल तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ” का आयोजन किया गया, जिसमें सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर और मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया, जिन्हें अब हर्षानंद के नाम से जाना जाता है, ने भाग लिया। उनके साथ महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज सहित कई संत उपस्थित रहे। देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु इस अनुष्ठान से ऑनलाइन माध्यम के जरिए जुड़े।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में उज्जैन बुलाने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए घर बैठे ही यज्ञ से जोड़ा गया। आयोजकों के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देने की अपील को ध्यान में रखते हुए की गई।
वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न हुआ अनुष्ठान
मोनी तीर्थ आश्रम में आयोजित इस विशेष यज्ञ का संचालन ‘बुक माय कथा’ की ओर से किया गया। पूरे आयोजन के दौरान वैदिक रीति-विधान के साथ मंत्रोच्चार हुआ और यज्ञ कुंड में आहुतियां दी गईं। हर्षानंद और महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने स्वयं यज्ञ में सहभागिता निभाई।
आयोजन प्रभु श्री बालाजी महाराज और पवनपुत्र हनुमानजी को समर्पित रहा। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन माध्यम से मंत्रोच्चार और पूजा में सहभागिता की।
कई शहरों से ऑनलाइन जुड़े श्रद्धालु
यज्ञ में दिल्ली, उत्तराखंड, भोपाल, इंदौर और नोएडा सहित देश के विभिन्न शहरों से श्रद्धालुओं ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भाग लिया। इसके लिए लाइव फीड की व्यवस्था की गई थी, जिससे लोग अपने घरों से ही पूरे अनुष्ठान को देख सके और यजमान के रूप में पूजा से जुड़े रहे।
आयोजकों के मुताबिक, इस व्यवस्था के कारण वे लोग भी शामिल हो सके, जो दूरी या समय की वजह से उज्जैन नहीं पहुंच पाते।
“डिजिटल इंडिया” और ईंधन बचत पर जोर
अनुष्ठान के दौरान हर्षानंद ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल इंडिया और ईंधन बचाने को लेकर जो संदेश दिया गया है, उसी सोच के तहत इस तरह के आयोजनों को ऑनलाइन माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
उनके अनुसार, घर बैठे पूजा और यज्ञ में शामिल होने से लोगों का समय बचता है और लंबी यात्राओं की जरूरत कम होने से पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कमी आती है।
ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व
महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने बताया कि ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगलवार धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि इस यज्ञ में सर्वग्रह शांति के उद्देश्य से हनुमान मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं।
उनका कहना था कि श्रद्धा और विश्वास के साथ अनुष्ठान में शामिल होने वाले लोगों को ग्रह संबंधी बाधाओं से राहत और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
देशभर से हुई थी बुकिंग
हर्षानंद ने जानकारी दी कि ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़े मंगलवार पर आयोजित इस विशेष यज्ञ में शामिल होने के लिए देशभर से लोगों ने पहले से बुकिंग कराई थी। आयोजन विशेष रूप से ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति से राहत और सकारात्मक वातावरण की कामना को ध्यान में रखकर किया गया।
उज्जैन में आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान पारंपरिक आस्था और डिजिटल सहभागिता का ऐसा उदाहरण बनकर सामने आया, जहां हजारों किलोमीटर दूर बैठे लोग भी खुद को यज्ञ का हिस्सा महसूस कर सके।