- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
- महाकाल मंदिर में तड़के हुई भस्म आरती, वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद खुले गर्भगृह के पट; शेषनाग मुकुट में सजे बाबा महाकाल!
- स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट, महाकाल का हुआ पंचामृत अभिषेक; भांग-चंदन और गुलाब माला से हुआ दिव्य श्रृंगार!
- भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले उज्जैन में प्रार्थना: शिवलिंग के सामने रखी खिलाड़ियों की तस्वीरें, क्रिकेट फैंस ने मांगा आशीर्वाद
दशहरे पर भी भीग सकता है उज्जैन! सितंबर के आखिरी हफ्ते में औसतन 6.1 मिमी बारिश, खाचरौद टॉप पर…
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
सितंबर का आखिरी हफ्ता खत्म होने को है, लेकिन अभी तक मानसून विदा नहीं हो पाया है। मौसम विभाग का कहना है कि 1 अक्टूबर से प्रदेश में नया सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, जिसके कारण दशहरे के दिन भी कई जिलों में बारिश की संभावना है। दक्षिण और पूर्वी हिस्सों पर इसका ज्यादा असर रहेगा।
उज्जैन जिले में फिर हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में उज्जैन जिले में औसतन 6.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
-
खाचरौद में सबसे ज्यादा 19 मिमी
-
नागदा में 9 मिमी
-
महिदपुर में 7 मिमी
-
तराना में 5 मिमी
-
घट्टिया, झारड़ा, माकड़ौन और बड़नगर में 2 से 4 मिमी तक बारिश दर्ज हुई।
जिले में 1 जून से अब तक कुल 853.9 मिमी वर्षा हो चुकी है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 40 मिमी ज्यादा है।
दशहरे पर भी बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले चार दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। पांचवें दिन से बारिश तेज हो सकती है। यानी दशहरे के दिन भी बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार हैं।
इस साल 122% बारिश दर्ज
मध्यप्रदेश में अब तक औसतन 45.1 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 37.2 इंच होती है। यानी इस बार औसत से लगभग 8 इंच ज्यादा पानी बरसा है।
-
सबसे ज्यादा बारिश गुना (65.6 इंच) में दर्ज हुई है।
-
मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से अधिक वर्षा हुई।
-
वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6), खंडवा (32), बड़वानी (33.5) और धार (33.6) सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।
अब विदाई में देरी
आमतौर पर 6 अक्टूबर तक पूरा प्रदेश मानसून से मुक्त हो जाता है, लेकिन इस बार विदाई की तारीख आगे खिसक सकती है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अभी परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं हैं।