- सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज: उज्जैन में सभी ऑटो-ई-रिक्शा के लिए यूनिक आईडी अनिवार्य, तय शिफ्ट में ही होगा संचालन
- उज्जैन के रामघाट पर शिप्रा आरती के दौरान विवाद: दीपक बेचने को लेकर महिलाओं और पुजारियों में मारपीट, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 01-07-2026
- महिदपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा 4 महीने से फरार बदमाश, कच्ची महुआ शराब के साथ किया गिरफ्तार
- उज्जैन में रेलवे ट्रैक पर कॉन्ट्रैक्टर का शव मिलने से सनसनी: मॉर्निंग वॉक के दौरान हादसे की आशंका, पुलिस सभी एंगल से कर रही जांच
अफगानिस्तान के बच्चों को MP में मिलेगा आसरा:नागदा के मनोज राठी उठाएंगे अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी
अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के बाद से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह है, लोग बिना सामान लिए देश छोड़कर भाग रहे हैं। दुनिया भर की निगाहें अफगानिस्तान की ओर हैं। वहां जिस तरह के हालात बने हैं, उससे सबसे बड़ा खतरा बच्चों के भविष्य पर भी है।
अफगान के अलग-अलग शहरों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित देश लाने के कार्य में सरकार जुटी है। उज्जैन के पास नागदा के रहने वाले समाजसेवी मनोज राठी ने अफगानिस्तान छोड़कर आए अफगानी नागरिक और हिन्दुस्तानियों के अनाथ हुए बच्चों की 21 साल का होने तक परवरिश करने की बात कही है। राठी ने बताया, कई हिंदू और सिख परिवार बेघर हो गए। कई बच्चों के माता-पिता उनसे बिछड़ गए। यदि ऐसे भी कोई बच्चे हिन्दुस्तान आते हैं, तो उनके रहने, खाना और पढ़ाई का खर्च मोहन श्री फाउंडेशन उठाने को तैयार है। ऐसे बच्चों की शिक्षा का खर्च नागदा का ही मोहन श्री विद्यापीठ उठाएगा।
2013 में की थी शुरुआत
राठी ने 2013 में गरीब बच्चों की मुफ्त शिक्षा के लिए मोहन श्री विद्यापीठ नामक स्कूल की शुरुआत की थी। इसमें फिलहाल 350 बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के बड़े स्कूलों जैसी सुविधा वाली शिक्षा दे रहे हैं। फिलहाल, स्कूल में 5 वीं कक्षा तक की पढ़ाई हो रही है। वहीं, अनाथ या प्रताड़ित होकर घर छोड़ दिए गए 13 बच्चों का खर्च मनोज राठी उठा रहे हैँ। यहां शाजापुर के मोहन बड़ोदिया के 2 बच्चे, आलोट के 2 बच्चे व रतलाम के 3 बच्चे हैं। पहले इनके मां-बाप भीख मंगवाते थे। सभी धर्मों के बच्चों को इस स्कूल में रखा जाता है। मोहन श्री विद्यापीठ में 2 बच्चे मुस्लिम हैं। इन सभी पर राठी प्रति माह करीब 50 हजार रुपए खर्चा करते हैं। स्कूल में मुफ्त पढ़ाई कर रहे 350 बच्चों पर 70 हजार अलग से खर्च होता है। फिलहाल स्कूल में 10 लोगों का स्टाफ है।
मुस्लिम महिला को 40 हजार रुपए देकर खुलवाई दुकान