- महाकाल मंदिर पहुंचे अनुपम खेर, शुभांगी दत्त और सिंगर अमित भल्ला: अलग-अलग आरतियों में हुए शामिल, नंदी हॉल में किया पूजन; मांगी मनोकामना
- सिंहस्थ 2028 से पहले कार्रवाई तेज: उज्जैन में 4 अवैध निर्माण ढहाए, 3 को मिला 2 दिन का समय
- महाकाल में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में दिए दर्शन, गूंजा जयकारा
- उज्जैन में फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल देखने पहुंचे CM मोहन यादव: विजेता को ₹1 लाख, उपविजेता को ₹51 हजार अतिरिक्त इनाम
- सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को नई सौगात: CM मोहन यादव ने 18 करोड़ की सड़क का किया लोकार्पण, कहा - सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर हो रहा विकास
अब बिजली की ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्काडा सिस्टम से
अब शहरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्काडा सिस्टम से की जा रही है। इस सिस्टम से बिजली कंपनी के खेड़ापति जोन, महानंदा नगर जोन, कार्तिक मेला सहित सभी नौ जोन जुड़ गए हैं। जोन पर बिजली बंद होने या पॉवर सप्लाई की बाधा की जानकारी तत्काल जोन पर लगे मॉनिटर पर आ जाती है। जोन पर मॉनिटर लगे हैं, जिसमें सिग्नल के माध्यम से पता चल जाता है कि किस फीडर की बिजली बंद हुई है। यह सब स्काड़ा सिस्टम से संचालित हो रहा है।
बिजली कंपनी द्वारा महानंदा नगर क्षेत्र में स्काडा सेंटर बनाया गया है। जहां पर सीधे बिजली के बंद होने या पॉवर सप्लाई कम होने या बढ़ने की ऑनलाइन रिपोर्टिंग हो रही है। इससे तत्काल पता चल जाता है कि शहर के किस इलाके में बिजली बंद हुई है, बिजली कब से बंद है और क्यों। लाइन में ब्रेकडाउन की जानकारी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में सुधार कार्य शुरू हुआ है या नहीं, इस बारे में भी स्काडा मुख्यालय को ऑनलाइन पता चल जाता है।
बिजली कंपनी के खेड़ापति जोन प्रभारी सत्यजीत कुमार ने बताया स्काडा सिस्टम से शहरी क्षेत्र के सभी नौ जोन जुड़ गए हैं। जोन पर मॉनिटर लगा है, जिसमें लाइन में खराबी का ऑनलाइन पता चल जाता है, बिजली बंद होने के तत्काल सिग्नल आ जाते हैं। इसके बाद फील्ड के स्टॉफ व लाइनमैन आदि को सुधार के लिए मैसेज चला जाता है। ऐसे में पॉवर सप्लाई को सुधारने में मदद मिलती है।
घरों में कितनी आपूर्ति, ऑनलाइन पता चल रहा
स्काडा सिस्टम में यह भी पता चल जाता है कि किस फीडर पर पॉवर सप्लाई कम मिल रही है या पॉवर बढ़ गया है, जिसे नार्मल करने का काम शुरू कर दिया जाता है। साथ ही उन स्टेशनों से ट्रांसफार्मर व उससे घरों में कितनी बिजली की आपूर्ति की जा रही है, यह भी ऑनलाइन पता चल जाता है।
ऐसे करता है सिस्टम काम
ट्रांसफार्मर को स्काडा सिस्टम से जोड़ा गया है, जो कि ऑनलाइन बिजली सप्लाई की मॉनिटरिंग करता है। जिसमें बिजली सप्लाई प्रभावित हाेने पर स्काडा के माध्यम से संबंधित जोन को सिग्नल चला जाता है। यहां के अधिकारी अपनी टीम को उक्त मैसेज को फारवर्ड कर देते हैं या सुधार के आदेशित कर देते हैं।